रानी की वाव कितने मूल्य के नोट के पीछे छपी होती है, प्रश्न का जवाब देकर टीम बनी विजेता


चित्तौड़गढ़। जी-20 और भारतीय रिजर्व बैंक के संयुक्त तत्वाधान में एक जिला स्तरीय आरबीआई एफएल क्विज प्रतियोगिता का आयोजन शहर की एक होटल में किया गया। 
प्रतियोगिता में जिले के 11 ब्लॉक की विभिन्न विद्यालयों की 11 टीम ने सहभागिता की और महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चंदेरिया की टीम ने विभिन्न चरणों में आयोजित इस प्रतियोगिता में अन्य टीम को पीछे छोड़कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
प्रथम स्थान हासिल करने वाली टीम को आरबीआई द्वारा रानी की वाव कितने के नोट के पीछे छपी हुई हैं। जिसका टीम ने 100 रुपए के नए नोट पर होने का जवाब देने पर प्रथम विजेता घोषित किया गया। आपको बता दे कि आरबीआई ने 100 रुपए के नोट का नया डिजाइन जारी किया था। गहरे बैगनी रंग के इस नोट पर प्रिंट ऐतिहासिक स्थल रानी की वाव। इसे रानी की बावड़ी भी कहा जाता है। यह गुजरात के पाटन ज़िले में स्थित एक प्रसिद्ध बावड़ी (वाव) है जिसे यूनेस्को ने 2014 में विश्व विरासत में शामिल किया था।
प्रतियोगिता में राउमावि भानूजा की टीम फर्स्ट रनर अप और राउमा विद्यालय बडोली घाटा की टीम सेकंड रनर अप रही। प्रतियोगिता में विजेता टीम को 10 हज़ार का नकद पुरस्कार आरबीआई द्वारा दिया जायेगा। पुरस्कार का राशि विजेता टीम के छात्र विवेक कुमार पंडित और छात्रा करीना टेलर के बैंक खातों में 5 हज़ार सीधे आरबीआई जमा करवाएगी।
प्रतियोगिता के आयोजन हेतु आरबीआई द्वारा तरुण चंद्रा सहायक महाप्रबंधक और अधिकारी रुद्र सिंह राठौड़ की नियुक्त किया गया था।
परीक्षा का आयोजन नाबार्ड के जिला प्रबन्धक महेंद्र डूडी और अग्रणी जिला प्रबंधक अशोक कुमार वासवानी के  निर्देशन में किया गया।
सहभागिता करने वाले छात्र और छात्राओं के अभिभावकों ने इसे आरबीआई की एक बहुत अच्छी पहल बताया और सफल आयोजन के लिए अग्रणी जिला प्रबन्धक और नाबार्ड का साधुवाद ज्ञापित किया।

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