चित्तौड़गढ़। धोखाधड़ी पूर्वक फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने पर न्यायालय के आदेश से 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ हैं।
जानकारी के अनुसार कमरूद्दीन मंसूरी पिता अलाउद्दीन मंसूरी निवासी नई आबादी कन्नौज तहसील भदेसर जिला चित्तौड़गढ़ व उसके भाई बाबू मंसूरी के स्वामित्व आधिपत्य कब्जे उपयोग का आवासीय मकान मण्डफिया तहसील भदेसर जिला चित्तौड़गढ़ में स्थित है जिसका कुल क्षैत्रफल 2156 वर्गफीट है जिसका बापी पट्टा पत्रावली संख्या-74 दिनांक 05.06.2004 को ग्राम पंचायत मण्डफिया द्वारा जारी किया गया था। कमरूद्दीन व बाबू मंसूरी ने वर्ष 2010 में पारसमल जैन से 20 हज़ार रुपए उधार लिए थे लेकिन पारस मल जैन व उसके सहयोगियों के मन में बदयान्ती आ जाने से कमरूद्दीन व बाबू को गांव कन्नौज से यह कहकर ले गये कि गिरवे की लिखा पढ़ी कराने के लिए गांव मांगरोल ले गये तथा दोनों भाईयों को विश्वास में लेकर मांगरोल तहसील निम्बाहेड़ा में मनोहर शर्मा के रिश्तेदार के घर पर लेकर गये और विक्रयपत्र धोखे से पारसमल जैन ने उसकी पत्नि पिस्ता देवी, राजेन्द्र शर्मा शर्मा ने उसकी पत्नि निशा, कालू तेली ने उसकी पत्नि चांदी बाई के नाम पर 09 जुलाई 2010 को उप पंजीयक कार्यालय भादसौडा में निष्पादित करवा लिया जबकि कमरूद्दीन व उसका भाई बाबू कभी भी रजिस्ट्रार ऑफिस भादसौडा नही गये है। उक्त व्यक्तियों ने रजिस्ट्रार ऑफिस भादसौडा से मिला भगती करके फर्जी रजिस्ट्री तैयार की। जिस पर कमरूद्दीन ने पुलिस थाना मण्डफिया में रिपोर्ट दी थी जिस पर किसी प्रकार की कार्यवाही नही होने पर फरियादी कमरूद्दीन ने अपने अधिवक्ता अबरार हुसैन अब्बासी के मार्फत न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट मण्डफिया में धारा 156 (3) जा.फो. में इस्तगासा पेश किया जिस पर न्यायालय के आदेश से 8 जनों पिस्ता देवी, पारसमल जैन, श्रीमती निशा, राजेन्द्र कुमार, चांदी बाई, कालू तेली, मनोहर लाल, राजेन्द्र कुमार, के विरूद्व धारा 467, 468, 469, 470, 471, 472, 420, 406, 427, 120-बी, आई.पी.सी. में मुकदमा दर्ज किया गया।
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