चित्तौड़गढ़ (सलमान)। मेवाड़ यूनिवर्सिटी की मैग-मेवाड़ आर्ट गैलरी में अनेक चित्रकारों की कल्पनाओं के रंगों का संसार रचा-बसा है। इस आर्ट गैलरी में स्टूडेंट्स को कला के विभिन्न रूपों को बताया जाता है ताकि उनके अंदर जो चि़त्रकार छिपा है वो बाहर आ सकें। झलक, कल्पना, निर्मल, गुंजन आदि स्टूडेंट्स को प्रोत्साहित करने के लिए उनके चित्रों को भी गैलरी में स्थान दिया गया है। कुछ दिन पहले यहां संस्कार भारती के प्रणेता संस्थापक पद्मश्री बाबा योगेंद्र दादा की स्मृति में अखिल भारतीय चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। इसका उद्घाटन केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया था।
जब उन्होंने यहां प्रदर्शित पेंटिंग को देखा तो खुद को इनकी तारीफ किए बगैर रोक नहीं सके।
मेवाड़ यूनिवर्सिटी की आर्ट एवं कल्चर तथा म्यूजियम की महानिदेशिका (प्रो.) डॉ. एमेरिटस चित्रलेखा सिंह ने बताया कि आर्ट गैलरी में एक से बढ़कर एक पेंटिंग प्रदर्शित हैं, जिसमें मुख्य रूप से भारत के समकालीन चित्रकार आचार्य चिर त्रिगुणातीत जैमिनी की काली, अफसाना बानो का फड़, अजय पाठक का मछली संयोजन, अजय वर्मा का श्रीनाथजी, अनुपम का गणेश, अशोक कुमार सिंह का संयोजन, अविजित राय का दृश्य चित्रण, मोहम्मद असलम आसिफ की नारी, चित्रा सचान का दृश्य चित्रण, चित्रलेखा सिंह की शिव शक्ति, जगदीश पी मीणा की नारी, लीला जोशी की स्थापत्य चित्रण, ओम साल्वी की तंजावुर शैली का श्रीगणेश, साधना सिंह की लोक चित्रण दर्शकों को खूब आकर्षित करती हैं। उन्होंने बताया कि चित्रकारों ने इन चित्रों को जलीय, तैलीय, एक्रैलिक रंगों का प्रयोग कर कैनवास में उकेरा है। इन पेंटिंग्स को इस तरह से उकेरा गया है कि कोई भी देखे तो बस देखता रह जाए। भविष्य में इनमें से चित्रों का चयन करके देश-विदेश की गैलरियों में प्रदर्शित किया जाएगा।
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