चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ निम्बाहेड़ा और कपासन क्षेत्रों में हुए दो अलग-अलग हादसों ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। पानी में डूबने की इन घटनाओं में मामा-भांजी सहित कुल चार लोगों की अकाल मृत्यु हो गई। दोनों ही मामलों में मौत का कारण नहाते समय पैर फिसलना और गहरे पानी का अंदाजा न होना बताया जा रहा है। पहली घटना निम्बाहेड़ा क्षेत्र के गम्भीरी डेम की है। पहली घटना निम्बाहेड़ा क्षेत्र के गम्भीरी डेम की है। जानकारी के अनुसार लसडावन निवासी 25 वर्षीय कन्हैया लाल भील अपनी मासी की शादी में फाचर सौलंकी गांव में गया था। सुबह नाश्ते में देरी होने के चलते अपनी 8 वर्षीय भांजी पलक निवासी केसरपुरा, नीमच, म.प्र. के साथ चौराहा पर पहुंचा। जहां बच्चों ने गम्भीरी डेम और नहाने की इच्छा जताई। इस पर कन्हैयालाल अपने भांजे और भांजी को बाईक पर बिठाकर 15 किमी दूर गम्भीरी डेम पर ले गया। बांध देखने के दौरान पलक का अचानक पैर फिसलने पानी में चली गई। ये देख मामा कन्हैयालाल ने छलांग लगाई और दोनों गहरे पानी में समा गए। कन्हैयालाल का भांजा ने ये देख जोर जोर से चिल्लाने लगा। ये देख मौके पर कई लोग एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुँची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने दोनों के शवों को बाहर निकाला।वहीं, दूसरी दुःखद घटना कपासन के राजेश्वर तालाब की है। जहाँ एक शादी समारोह के दौरान खुशियाँ मातम में बदल गईं। भदेसर निवासी प्रकाश कालबेलिया (21) अपने साले राकेश कालबेलिया (25) के साथ मियाचन्द जी का खेड़ा में एक शादी में शामिल होने आए थे। दोनों तालाब की सीढ़ियों पर कपड़े रखकर नहाने के लिए पानी में उतरे, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण डूबने लगे। बताया जा रहा है कि दोनों को तैरना नहीं आता था। किनारे पर खड़ी प्रकाश की पत्नी सीता ने जब अपने पति और भाई को डूबते देखा, तो वह चीखने-चिल्लाने लगी। शोर सुनकर ग्रामीण एकत्र हुए, लेकिन तब तक दोनों गहरे पानी में ओझल हो चुके थे। सूचना पर कपासन तहसीलदार और पुलिस जाब्ता मौके पर पहुँचा। एसडीआरएफ की टीम ने कमान संभाली और घंटों के रेस्क्यू के बाद दोनों युवकों के शव बरामद किए।
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