मन्दिर की मूर्तियों को हटाकर धर्मस्थल का अपमान करने की घटना का 10 घण्टे में खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

जहाजपुर (माय सर्कल न्यूज @रविकान्त जोशी)। बीती देर रात आपसी भाईचारा व सद्भावना बिगाने की इरादे से अज्ञात व्यक्ति ने दो जगह पर आगजनी की घटना व भेरुजी मंदिर में मूर्तियों को फेंकने के मामले में पुलिस की सतर्कता से आपसी भाईचारा व सद्भावना कायम रहे जिसके चलते पुलिस ने घटना के 10 घण्टे के बाद ही आरोपी को डिटेन कर गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक शाहपुरा कृष्णचन्द्र व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोरीलाल मुख्यालय शाहपुरा के निर्देशन पर हंसराज बैरवा वृताधिकारी वृत जहाजपुर के निकटतम सुपरविजन में थानाधिकारी राजूराम पलासीया द्वारा थाना जहाजपुर पर टीम गठित कर प्रकरण संख्या 316/ 2023 धारा 436 295,427 थाना जहाजपुर में वांछित मुल्जिम प्रेमसिंह पिता महादेवा मीणा उम्र 30 साल नि० छाबडिया चारभुजा थाना जहाजपुर जिला शाहपुरा को गिरफ्तर किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोरी लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त घटना की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल की बीटीएस ली व सदिग्ध मोबाईल नम्बरों की सीडीआर मंगवाई जाकर विशलेषण किया गया। आस पास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर सदिग्ध लोगों व आस पास के व्यक्तियों से पुछताछ की गई तो पता चला कि एक व्यक्ति रात्रि के समय बालाजी मन्दिर के गेट को खोलकर अन्दर जाने का प्रयास कर रहा था जिसने सफेद कलर का कुर्ता व काले रंग का पायजामा पहन रखा था उक्त व्यक्ति को यहां रात्रि के समय मन्दिर में प्रवेश करने से मना करने के कारण यहा से चला गया था। हुलिया के अनुसार पूछताछ की गई तो पता चला कि छाबडिया चारभुजा का प्रेमराज मीणा सफेद कलर का कुर्ता व काले रंग का पायजामा पहनकर शाम के समय यहां पर घूम रहा था। जिस पर प्रेमराज मीणा की तलाश शुरू की गई। ग्राम छाबडिया के खेतों से  प्रेमराज को डिटेन किया गया तो प्रेमराज के कपड़ों पर मन्दिर की मूर्तियों का सिन्दुर लगा हुआ पाया गया प्रेमराज से घटना के बारे मे पुछताछ की गई तो रात्रि के समय उक्त घटना को अंजाम देना कबूल किया। प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान जारी है। 

घटना का संक्षिप्त विवरण व खुलासा:- 

4 अक्टूबर को दीपक सिंह पिता प्रभुलाल दरोगा उम्र 34 साल निवासी जहाजपुर जिला शाहपुरा ने उपस्थित थाना होकर एक रिपोर्ट दी और बताया कि मैं तहसील कार्यालय जहाजपुर के सामने केबिन लगाकर चाय बेचता हूँ कल 3 अक्टूबर 2023 को करीब 9 बजे में चाय की दुकान बंद करके घर चला गया। आधी रात को मुझे सूचना मिली की मेरी दुकान में आग लग गई तो मैं व मेरे परिवार के लोग मेरी केबिन में आये तो मेरी दुकान की केबिन के पास में पडी कुर्सियों व टपरी में आग लगी हुई थी। फिर मैंने व परिवार के लोगों ने पानी डालकर आग को बुझाई। आग से मेरी केबिन में रखा फिज, 30 कुर्सियों 10 स्टूल, गल्ले में रखे 13 हजार रुपये दुकान में रखा अन्य सामान जल गया जिससे मेरे करीब 90 हजार रूपये का नुकसान हुआ है।
 हम आग बुझा रहे थे तभी मेरी नजर पास में स्थित भैरू जी के मन्दिर पर गई तो मन्दिर की मूर्तियां मंदिर के नहीं मिली। फिर मैंने आस पास के व्यक्तियों व पुलिस का सूचित किया तो पता चला कि जहाजपुर में भगता की झोपड़ियां रोड़ पर किशन लाल पिता चंदालाल खटीक निवासी जहाजपुर व शंकर लाल खटीक पिता नंदलाल खटीक निवासी जहाजपुर के बाड़े में भी आग लगी थी।
वही पुलिस टीम गठित राजूराम पु०नि० थानाधिकारी थाना जहाजपुर,भागचन्द सउनि (विशेष योगदान), बृजमोहन हैड कानि,काशीराम कानि, रामचन्द्र कानि,आत्माराम कानि,सतवीर कानि, कमलेश कानि थाना जहाजपुर का विशोष योगदान रहा।

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