भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। पीपुल फॉर एनीमल्स के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने हाल ही में भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर के शक्करगढ थानान्तर्गत रजवास गांव में शिकारियों द्वारा जाल डालकर पैंथर का शिकार करने के मामले में वन व पुलिस विभाग के अधिकारियों की अनदेखी व लापरवाही बताते हुए कहा है कि वन व पुलिस विभाग का सूचना तंत्र कमजोर होने से पैंथर जैसे महत्वपूर्ण वन्यजीव के गले में फंदा डालकर शिकार की घटना घटित हुई है। जाजू ने वन व पुलिस विभाग से शिकारियों का पता लगाकर उनके विरूद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत ठोस कार्यवाही करने की मांग की है। जाजू ने बताया कि पैंथर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रथम अनुसूची का वन्यजीव होकर इसका शिकार गैर जमानती अपराध होकर इसमें 5 लाख जुर्माना एवं 7 वर्ष की सजा का प्रावधान है। जाजू ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान, पुलिस अधीक्षक भीलवाडा व उपवन संरक्षक भीलवाड़ा से शिकारियों के विरूद्ध तत्काल कार्यवाही की मांग करते हुए मामले से पीएफए राष्ट्रीय अध्यक्षा मेनका गांधी एवं वाईल्ड लाईफ काईम कन्ट्रोल ब्यूरो को भी अवगत कराया है।
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