चित्तौड़गढ़। अमेरिकन यूनिवर्सिटी यूएसए (एयूजीपी यूएसए) और यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी फॉर ग्लोबल पीस यूएसए (यूएनयूजीपी) के अध्यक्षव चीफ़ रेक्टर महामहिम प्रोफेसर डॉ. मधु कृष्ण और डॉ. अशोक कुमार गदिया की अध्यक्षता में मेवाड़ यूनिवर्सिटी, भारत के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर मेवाड़ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. आलोक मिश्रा ने बताया कि 22 फरवरी गुरुवार को नई दिल्ली के जम्मू कश्मीर भवन में आयोजित कार्यक्रम में महामहिम राजदूत एयूजीपी और यूएनयूजीपी यूएसए के निदेशक, सह डीन डॉ. नीरज टंडन, एयूजीपी यूएसए के समन्वयक पवन पटेल, मेवाड़ विश्वविद्यालय और जम्मू-कश्मीर सरकार के समन्वयक रियाज़, मेवाड़ विश्वविद्यालय के स्किल डेवलपमेंट संकाय के डीन ए.आर. यादव की उपस्थिति में शांति संस्कृति को बढ़ावा देने, युद्ध रोकने, ड्रग्स रोकने, आतंकवाद रोकने, मानव तस्करी रोकने, संगठित अपराध रोकने के लिए दोनों संगठनों के बीच सहयोग/साझेदारी करने के समझौते के लिए आपसी सहमति से इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
मेवाड़ विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग व प्लेसमेंट सेल निदेशक हरीश गुरनानी ने बताया कि समझौते का उद्देश्य शांतिप्रिय-शांति से रहना-शांति का अभ्यास की एक परिवर्तित सभ्यता का निर्माण करना, राष्ट्रों को सतत विकसित और मजबूत बनाना और अकादमिक आदान-प्रदान, कार्यक्रम विकास और अनुसंधान में सहयोग करने के लिए सहमत होना जैसे मुद्दों पर यह समझौता ज्ञापन दोनों संस्थानों के बीच सहयोग के मार्गदर्शक नियम और सिद्धांत स्थापित करना है। साथ ही व्यावसायिक और उच्च अध्ययन के विविध क्षेत्रों को बढ़ावा देना और उन्नति करना है, जिसमें दुनिया भर के विभिन्न संस्थानों में ऐसी तकनीक के अध्ययन और अभ्यास के निरंतर विकास द्वारा पूरक/वैकल्पिक दवाएं भी शामिल हैं। इस अवसर पर मेवाड़ विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों व फैकल्टी ने हर्ष व्यक्त किया है।
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