चित्तौड़गढ़। जिले के श्रीसांवलिया मंदिर मंडल के तत्वाधान में 5 से 7 सितंबर तक विशाल जलझूलनी एकादशी मेला आयोजन आयोजित किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार श्री सांवलिया मंदिर मंडल द्वारा प्रतिवर्ष तीन दिवसीय विशाल जलझूलनी एकादशी मेले का आयोजन किया जाता है ,लेकिन गत 2 वर्षों से कोरोना के कारण यह मेला आयोजित नहीं किया जा सका , लेकिन अब सभी तरह की पाबंदियां हटने के बाद मंदिर मंडल द्वारा 5 से 7 सितंबर तक आयोजित किए जाने वाले मेले की सभी तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है /इस दौरान आयोजित किए जाने वाले सभी कार्यक्रमों को अंतिम रूप भी प्रदान कर दिया गया है/
पहले दिन विशाल शोभायात्रा जानकारी के अनुसार मेले के पहले दिन 5 सितंबर को दोपहर 2 बजे मंदिर परिसर से विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा, जो सांवरियाजी के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई पुण मंदिर संपन्न हो जाएगी। शोभा यात्रा की समाप्ति पर मंदिर परिसर के सामने भव्य आतिशबाजी की जाएगा।
5 सितंबर रात्रि को मंडपिया बाईपास रंगमंच पर अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जाने-माने कवि डॉ कुमार विश्वास, दिनेश बावरा, रासबिहारी, अशोक चारण, प्रख्यात मिश्रा, पार्थ नवीन, राजकुमार बादल, योगिता चौहान, जलज जॉनी भाग लेंगे
इसी दिन गोवर्धन रंगमंच पर राधेश्याम एंड पार्टी उदयपुर द्वारा लोक भजन का कार्यक्रम मीरा रंगमंच पर, शिवम इवेंट गंगापुर द्वारा रंगारंग कार्यक्रम 5 सितंबर को ही सुदामा रंगमंच पर भजन संध्या आयोजित की जाएगी। सोनिया शर्मा दल द्वारा भजन संध्या, इसी दिन कोटा की चंचल आर्केस्ट्रा द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, मास्टर समीर, संदीप, रानू, अन्य कॉमेडियन द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, सावन नागदा दल द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
रथ यात्रा का आयोजन 6 को मेले के दूसरे दिन 6 सितंबर को दोपहर एक बजे दोपहर 12 बजे मंदिर परिसर से विशाल रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस यात्रा में शामिल लोगों द्वारा फूलों की बारिश के साथ ही काफी अधिक गुलाल उड़ाया जाता है। रथ यात्रा के रवाना होने से पूर्व हेलीकॉप्टर द्वारा सांवलिया मंदिर के शिखर पर फूलों की बारिश की जाएगी।
6 सितंबर रात्रि प्रख्यात भजन गायिका गीता रेबारी एवं प्रकाश माली द्वारा भजन प्रस्तुत किए जाएंगे। 6 सितंबर को रात्रि में आयोजित होने वाले अन्य कार्यक्रम में कैलाश चंद्र गुर्जर द्वारा भजन संध्या कार्यक्रम, न्यू राजस्थानी आर्केस्ट्रा ग्रुप बस्सी द्वारा राजस्थानी आर्केस्ट्रा कार्यक्रम, हेमराज सोनी, राज कुमार मालाणी, हंसराज आदि द्वारा भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ,पूजा नाथणि एवं लेहरु दास वैष्णव द्वारा भजन संध्या प्रस्तुत की जाएगी।
6 सितंबर को लोक कला मंडल उदयपुर द्वारा पपेट शो भी प्रस्तुत किया जाएगा। मेले के अंतिम दिन 7 सितंबर को दिव्यांग कलाकार कमलेश पटेल आदि द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि गत 29 अगस्त से प्रतिदिन रात्रि में रामलीला का मंचन भी कलाकारों द्वारा किया जाए जा रहा है जो 4 सितंबर तक जारी रहेगा।
मेले को लेकर सांवलिया मंदिर के साथ ही पूरे सांवलिया नगरी में आकर्षक विद्युत सजावट की गई है। कई दुकानें लगने लगी है। मनोरंजन की दृष्टि से झूले आदि भी लगने लगे हैं। इस मेले में न केवल राजस्थान बल्कि अन्य राज्यों से भी हजारों की संख्या में लोग भाग लेते हैं, जिसके कारण एक ही दिन में अलग-अलग रंगमंच पर लोगों को बांधे रखने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
प्रतिवर्ष इस मेले की तैयारियां और इसका प्रचार प्रसार काफी दिन पहले प्रारंभ कर दिया जाता है, लेकिन इस वर्ष अपेक्षाकृत देरी से तैयारियां प्रारंभ की गई है लेकिन माना जा रहा है कि इस वक्त वर्ष काफी अधिक संख्या में लोग उमड सकते हैं, जिसको देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। यातायात एवं वाहनों की पार्किंग के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।
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