श्री प्रताप फाउंडेशन द्वारा आयोजित, सर्व समाज का किसान सम्मेलन सम्पन्न



चित्तौड़गढ़। श्री क्षत्रिय युवक संघ के अनुशांगिक संगठन श्री प्रताप फाउंडेशन द्वारा भारत बाग में सर्व समाज के एक विशाल किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत तन सिंह की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया तत्पश्चात गणेश वंदना द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत की गई। अपने स्वागत उद्बोधन में श्री क्षात्र पुरूषार्थ फाउंडेशन के समन्वयक रेवत सिंह पाटोदा ने श्री प्रताप फाउंडेशन के कार्यों के उद्देश्य तथा इस किसान सम्मेलन को आयोजित करने के उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया कि कृषि ही ऐसा व्यवसाय है जिसमें प्रत्यक्ष एवं प्रत्यक्ष रूप से हर समाज के व्यक्ति जुड़े हुए हैं। इसलिए समाज में आपसी सौहार्द व समरसता कायम करने के लिए श्री प्रताप फाउण्डेशन द्वारा जो पहल की गई है उसे किसान सम्मेलन का नाम दिया गया है।

श्री क्षत्रिय संघ के केन्द्रीय लेखाधिकारी गंगा सिंह साजियाली द्वारा चित्तौड़गढ़ क्षेत्र के किसानों की समस्याओं के 15 सूत्रीय मांगपत्र का वाचन किया गया तथा अंत में प्रताप फाउण्डेशन के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री के नाम मांग पत्र का ज्ञापन दिया गया। ब्राह्मण समाज से लीलाधर जोशी ने श्री प्रताप फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसा पहली बार हुआ जिसमें सभी राजनीतिक दल, सर्व समाज के किसान एक साथ भाग ले रहे हैं। धाकड़ समाज से रतन लाल धाकड़ अमरपुरा, गायरी समाज से देवीलाल गायरी चैथपुरा, भोपाल सागर, माधव लाल बैरवा जिला अध्यक्ष रामदेव समिति, बगदीराम प्रजापत, रमेश सालवी अध्यक्ष रामदेव मंदिर ट्रस्ट, रतन लौहार जिला अध्यक्ष लौहार समाज, बद्री लाल जाट संरक्षक जिला जाट संस्थान ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान सांसद सीपी जोशी, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीचंद कृपलानी, चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, भोपालसागर प्रधान हेमेन्द्र सिंह, चित्तौड़गढ़ प्रधान देवेन्द्र कुंवर, भदेसर प्रधान सुशीला कंवर आक्या, उप जिला प्रमुख भूपेन्द्र सिंह बड़ौली, अरबन बैंक चेयरमेन आई.एम. सेठिया, जौहर स्मृति संस्थान अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह बिजयपुर, सीकेएसबी चेयरमेन लक्ष्मणसिंह खोर, जिला सरपंच संघ अध्यक्ष गणेश साहू आदि मंचासीन थे। अंत में श्री प्रताप फाउण्डेशन के समन्वयक महावीर सिंह सरवड़ी ने सभा को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि हम सभी एक ही परमात्मा की संतान है तथा जाति को मिटाने के बजाय जातिवाद को मिटाने पर जोर दिया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि पहले भी राजपूत समाज के घर पर हरिजन समाज की महिलाएँ आती तो राजपूत समाज की महिलाएँ उनके पाँव छु कर उनका स्वागत करती थी। जातिगत वैमनस्यता कुछ स्वार्थगत राजनीतिक व सामाजिक संगठनों द्वारा फैलाई गई है जिसे हमें समाप्त करना चाहिये व आपस में सभी समाज, वर्ग, पंथ व विचारधारा के लोगों को एक साथ बैठकर भारत को फिर से विश्वगुरू बनाना चाहिये।
किसान सम्मेलन में आए हुए सभी किसान भाईयों को श्री प्रताप फाउण्डेशन द्वारा परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानन्द जी द्वारा लिखित यथार्थ गीता का निशुल्क वितरण किया गया। यह किसान सम्मेलन अपने आप में इसलिए अलग था कि मंच पर उपस्थित सभी राजनीतिक दल के राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा किसी तरह का उद्बोधन नहीं करवाया गया। केवल सर्वसमाज के उपस्थित प्रबुद्धजन द्वारा ही उद्बोधन दिया गया।

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