मेवाड़ के हरिद्वार मातृकुंडिया तीर्थ पर सामूहिक तर्पण, यज्ञ और शिव अभिषेक का आयोजन


चित्तौड़गढ़। अखिल विश्व गायत्री परिवार व भारत विकास परिषद कपासन के संयुक्त तत्वावधान में मेवाड़ के हरिद्वार मातृकुंडिया के गंगा घाट पर सामूहिक रूप से हेमाद्री स्नान, तर्पण, पितरों को जलानझली दी गई। इसी के साथ देव तर्पण, ऋषि तर्पण, राष्ट्र के नौजवानों शहीदों के तर्पण, महापुरुषों के तर्पण, भी किए गए। मां गंगा की पूजा अर्चना आरती की गई। तत्पश्चात गायत्री शक्तिपीठ पर पंच कुंडी गायत्री महायज्ञ किया गया। इस यज्ञ में गायत्री मंत्र के साथ-साथ विश्व शांति, जनकल्याण एवं देश में गौमाताऔं में फेल रही वायरस जनित लंपी महामारी नामक बीमारी से बचाने हेतु गौमाता रक्षार्थ हेतु महाकाल को आहुतियां समर्पित की गई। पर्यावरण संशोधन सबको सद्बुद्धि सब को उज्जवल भविष्य सब मानव में देवत्व धरती पर स्वर्ग की कामना के साथ पूर्णाहुति की गई।
 विश्व में शांति बनी रहने की कामना की गई तत्पश्चात भारत विकास परिषद के अध्यक्ष मुख्य अतिथि देवेंद्र सोमानी, रमेश पुरोहित की अध्यक्षता, विशिष्ट अतिथि घनश्याम गौड़ गायत्री शक्तिपीठ पर एक सभा का आयोजन किया गया। इस बैठक में गायत्री शक्तिपीठ चित्तौड़गढ़ के जगदीश चंद्र जोशी ने वर्तमान में पृथ्वी पर अशांति हिंसा चारों तरफ भ्रष्टाचार व्यभिचार पापाचार जो फेल रहा है। उससे बचने के लिए घर-घर में देव परिवार बनाने हेतु अपने बच्चों को संस्कारवान पीढ़ी बनाने, भारतीय संस्कृति को गांव-गांव घर-घर पहुंचाने हेतु यज्ञ परंपराएं बनाए रखने हेतु कपासन नगर में एक विशाल 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ करने का आह्वान किया गया। इस पर घनश्याम गौड़ ने भारतीय संस्कृति वेदिक संस्कृति पर अपने विचार रखते हुए सभी को तन-मन-धन से सहयोग करने एवं घर घर जाकर के गरीब से लेकर अमीर तक एवं गौ माता की रक्षा हेतु तन-मन-धन से सभी को एक साथ खड़े होकर सहयोग करने की अपील की। कपासन में 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के लिए सभी ने तन-मन-धन से सहयोग करने की बात कही गई। संचालन भगवती लाल व्यास ने किया।
गायत्री परिवार के जगदीश जोशी, रमेश चंद्र पुरोहित, चित्तौड़गढ़, शांति लाल जाट अनोपपुरा, कालूराम चौथपुरा, भगवती लाल व्यास गिलुंड, घनश्याम गेलडा, चतरभूज इनानी, नवनीत मेनारिया, गीता पारीक, विद्या पारीक, इंद्रा गेलड़ा, अखिलेश, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, रेलमंगरा भोपालसागर के गायत्री परिवार के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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