चित्तौड़गढ़। ग्राम पंचायत पर लगे हुए सुरक्षा गार्डों की ठेका प्रथा समाप्त करने तथा समय पर मानदेय भुगतान देने की मांग को लेकर पंचायत सुरक्षा गार्ड (चैकीदार) यूनियन, जिला चित्तौड़गढ़ द्वारा जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2013 से राजस्थान की समस्त ग्राम पंचायतों पर सुरक्षा गार्ड ठेका पद्धति के अंतर्गत नियुक्ति दी गई थी। ठेकेदार द्वारा लगातार शोषण किये जाने, 24 घंटे लगातार सेवा देने के बावजूद समय पर मानदेय भूगतान नहीं करने से गार्डों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो रही है। लगभग दो-तीन वर्षों से भुगतान नहीं मिलने पर घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति में राजनीतिक हस्तक्षेप होने से राजनेता अपनी अपनी चलाते हुए सुरक्षा गार्डों को समय, बेसमय हटाते रहते हैं, जिससे सुरक्षा गार्डों का शोषण हो रहा है।
जिला अध्यक्ष मिटठूदास, जिला उपाध्यक्ष रामप्रसाद सालवी, कन्हैयालाल, उम्मेदराम जटिया, देवीपूरी, बाबूलाल धाकड़, रामलाल खारोल, भंवर सिंह, सागरमल, श्यामलाल, बगदीराम, रतनसिंह, मोहनलाल, फतहसिंह, शम्भूलाल, डालूसिंह सहित सैंकड़ों सुरक्षा गार्डो ने ज्ञापन सौंप कर सुरक्षा गार्डों को ठेका प्रथा से हटा कर संविदा श्रेणी में लेने तथा मानदेय भुगतान प्रत्येक माह की 5 तारीख तक हो जाये ऐसी पुख्ता व्यवस्था कराये जाने की मांग की।
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