चित्तौड़गढ़। झारखण्ड सरकार द्वारा जैन तीर्थस्थल सम्मेद शिखर को पर्यटन के लिए इको सेंसिटिव जोन सूची में सम्मिलित करने से जैन समाज की भावना आहत हुए जिस पर चित्तौडगढ विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने झारखण्ड मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को पत्र के द्वारा अवगत कराया कि सम्मेदशिखरजी जैन समाज के लिए पावन तीर्थ स्थल है जो कि 20 तीर्थंकरों की निर्वाण स्थली है एवं यहां कई संतों द्वारा तपस्या कर मोक्ष प्राप्त किया हुआ है। सम्मेदशिखरजी पर्वत को पर्यटन के लिए इको सेंसिटिव जोन सूची में शामिल करने से जैन समाज में रोष व्याप्त है एवं जैन समाज की प्रतिनिधि संस्थाओं द्वारा देशभर में इसका विरोध किया जा रहा है। विधायक आक्या ने पत्र के माध्यम से सम्मेदशिखरजी को पर्यटन के लिए इको सेंसिटिव जोन सूची में सम्मिलित नहीं करने का आग्रह किया है।
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