जयपुर। आखिरकार 15 दिनों के इंतजार के बाद शनिवार को राजस्थान में भाजपा सरकार ने अपनी टीम फाइनल कर दी। राजभवन में राज्यपाल कलराज मिश्र ने भाजपा के 22 विधायकों को मंत्रिपद की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा और दीया कुमारी 15 दिसंबर को पहले ही शपथ ले चुकी थी। ऐसे में राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल की 25 सदस्यीय टीम तैयार हो गई है। राज्य में मंत्री के 5 पद खाली रखे गए हैं। विधायकों की संख्याबल के हिसाब से यहां अधिकतम 30 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
राजस्थान मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा का पुराना पैटर्न फिर देखने को मिला। पार्टी ने मंत्रिमंडल में कई ऐसे नाम शामिल किए, जिनकी चर्चा कम थी। हालांकि सीएम रेस में शामिल रहे किरोड़ी लाल मीणा, राज्यवर्धन राठौड़ जैसे बड़े नाम मंत्रिमंडल में शामिल किए हैं। लेकिन बाबा बालक नाथ, अनिता
भदेल, कालीचरण सरार्फ जैसे वरिष्ठ विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।
राजस्थान की नवगठित कैबिनेट पर नजर डाले तो कई रोचक बातें सामने आती है। पहली और बड़ी बात तो यह कि राजस्थान में भाजपा ने नए युग की शुरुआत कर दी है। वसुंधरा राजे को सीएम नहीं बनाए जाने के बाद पार्टी ने मंत्रिमंडल में भी कई नए चेहरों को मौका दिया है। राजस्थान की नवगठित 25 सदस्यीय कैबिनेट में 20 चेहरे नए हैं। इसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक शामिल हैं।
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