चितौड़गढ़। सहकारिता एक संस्कार है भारत का मूल चिन्तन है। दूसरे के दुख में सहभागी बनने से आनन्द की अनुभुति होती है जबकि कुछ प्राप्त होने पर मात्र सुख प्राप्त होता है। जीवन में आनन्द की अनुभुति सहकारिता से जुड कर ही प्राप्त की जा सकती है।
ये विचार सहकार भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर ने शुक्रवार को इंदिरा प्रियदर्शिनी ऑंडिटोरियम में नेफकब रेफकब एवं चितौड़गढ़ अरबन बैंक के संयुक्त तत्वधान में आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय चितौड़गढ़ समिट ऑन कॉ-ऑपरेटिव एण्ड़ बैंकिंग के समापन सत्र के मुख्य अतिथी के रूप में अपने उद्बोधन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल उपभोक्ता या बैंकिंग से ही जुड़ी हुई नही है, जन्म से मृत्यु तक का मंगल सहकारिता है। एक घन्टे के प्रभावी उद्बोधन में उन्होंने कृषि आय वृद्धि, आत्मनिर्भर भारत, अभियान सामजिक सरोकार भी सहकारिता से कैसे संभव है पर विस्तार से बताया।
प्रथम तकनीकी सत्र के मुख्य अतिथी भारतीय रिजर्व बैंक के डायरेक्टर सतीश मराठे ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र के समक्ष आयी चुनोतियों का सामना समर्पण एवं जागरूकता से ही संभव है एवं रिजर्व बैंक भी व्यवहारिक निर्णय करते हुए सहकारिता बैंकिंग क्षेत्र की मजुबुती की दिशा में विशेष प्रयत्न कर रहा हैं जिसमें अम्ब्रेला संगठन की रिजर्व बैंक से स्वीकृति भी एक प्रमुख कदम है।
उतर प्रदेश को-ऑपरेटिव फेडरेशन (पीसीए) के मंत्री का उर्जा प्राप्त सभापति वाल्मिकी त्रिपाठी ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति की जा सकती है उन्होने उतर प्रदेश में सहकारिता के कार्यो को भी विस्तार से बताया।
राज्यसभा सांसद एवं रेफकब अध्यक्ष राजेन्द्र गहलोत ने राजस्थान में अरबन को-ऑपरेटिव बैंक की मजबूती के लिए किये गये प्रयासो के साथ ही केन्द्र सरकार की नीतियों की विस्तार से चर्चा करते हुए आत्मनिर्भर भारत अभियान में हमारी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।
उद्घाटन कार्यक्रम नेता प्रतिपक्ष गुलाब चन्द कटारियॉ ने कहा कि सहकारिता ग्रामीण अर्थ व्यवस्था में मजबूत बनाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होने आत्मनिर्भर भारत अभियान लोकल फार वोकल सहित कई योजनाओं की चर्चा करते हुए विकास की अवधारणा में सहकारिता की प्रमुखता पर व्यापक दिश बोध किया।
द्वितीय सत्र की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान उच्च न्यायलय के न्यायधीश फरजन्द अली ने कहा कि सहकारिता का विकास कानून के बजाय उसके मूलभूत सिद्धान्तों को जीवन में व्यवहारिक रूप से उतारने पर ही संभव है। उन्होने कहा कि आपसी सहयोग एवं परिवारिक संस्कारों का स्वरूप ही वास्तविक सहकारिता है।
उद्घाटन कार्यक्रम में कटारिया सहित सभी अतिथियों में सांसद सीपी जोशी, विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या, जिलाप्रमुख सुरेश धाकड़, भाजपा जिलाध्यक्ष गोतम दक, नेफकब के योगेश शर्मा रेफकब से एमएल शर्मा सहकार भारती से मोहन परमार, प्रमोद सामर अरबन बैंक चेयरमेन डा. आई.एम. सेठिया पूर्व चेयरपर्सन विमला सेठिया, शिवनारायन माधना, वन्दना वीजरानी ने अतिथियों एवं समस्त समारोह के साथ भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। डा. सेठिया ने स्वागत उद्बोधन कार्यक्रम की प्रस्तावना व राजस्थान के सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना तथा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. सतीश पूनिया का समिट की सफलता के लिए प्रेषित शुभकामना संदेश पढ़ कर सुनाया।
वक्ता में राजेंद्र थानवी नाबार्ड के सेवानिवृत महा प्रबंधक ने भी विचार व्यक्त कर सहकारी नीति के बारे में बताया।
तनकनीकी स्तरों में नेफकब मुख्य कार्यकारी योगेश शर्मा ने खुले सत्र में प्रतिनिधियों के भी विचार जाने। जिसमें एक के शाह जयपुर नरेन्द्रडाबी सिरोही, विनोद चपलोत उदयपुर, रमेश आचार्य, ब्यावर सती शरीन जयपुर सहित जलोर, कोटा, अजमेर बैंक के प्रतिनिधियों ने व सहकारी प्रतिनिधियो के रूप में बासवाड़ा से भूपेन्द्र जोशी, योगेश दिवेदी डूगरपुर से रमेश पांडिया आदि ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
समापन सत्र में पुर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी, पुर्व विधायक अशोक नवलाखा, पर्व विधायक व डेयरी चेयरमेन बद्री लाल जाट ने भी विशिष्ट अतिथि के नाते सभागिता निभाई।
सांसद गहलोत का किया सर्वजनिक अभिनन्दन
बैंक उपाध्यक्ष शिवनारायण मानधना, निदेशक दिनेश शिशोदिया, रणजीत सिंह नाहर, बालकिशनधूत, राधेश्याम आमेरिया, राजेश काबरा, हरिश आहूजा, वृद्धिचन्द कोठारी, कल्याणी दिक्षित, सीए दीप्ती सेठिया, हेमन्त शर्मा, सीए नितेश सेठिया व पूर्व निदेशक सीएम नन्दावत, ईश्वर दयाल सूहालका ने सभी अतिथियो का पगडी उपरणा से स्वागत किया, वही राजस्थान फेडरेशन अध्यक्ष राजेन्द्र गहलोत के राज्यसभा सांसद बनने पर उनका सार्वजनिक अभिनन्दन उपरण शाल इत्यादि से किया।
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