भारत मुक्ति मोर्चा व राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा ने भरतपुर की घटना को लेकर सौंपा ज्ञापन


चित्तौड़गढ़। गत 15 फरवरी को राजस्थान के भरतपुर निवासी जूनेद व नसीर को हरियाणा में उनकी ससुराल से वापस लौटते समय पीरूका गांव में रोक कर बेरहमी से पिटाई करने एवं मरणासन्न हो जाने पर गाड़ी सहित जिन्दा जलाने की घटना पर रोष प्रकट करते हुए भारत मुक्ति मोर्चा के अम्बालाल शेरसिया के नेतृत्व में एवं राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा ने शनिवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप कर कड़ी कार्यवाही की मांग की।
दिये गये ज्ञापन में बताया कि हरियाणा अपने ससुराल से लौटते हुए जुनेद व नासिर के साथ मारपीट कर मरणासन्न होने पर फिरोजपुर झिरका पुलिस स्टेशन के एसएचओ द्वारा कार्यवाही नहीं की गई वहीं उपचार कराने के बजाय गौ रक्षकों की रक्षा करते हुए इन्हें बजरंग दल के गुंडों और सीआईए के सुपुर्द कर दिया गया। जिनके द्वारा जंगल में बोलेरो गाड़ी में सीट बेल्ट से बांधकर जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। अमानवीय व भयावह घटना पर बजरंग के शामिल कार्यकर्ताओं पर फास्ट ट्रेक कोर्ट का गठन कर दोषियों को फांसी की सजा दिये जाने, हत्या में शामिल पुलिसकर्मियों को बक्र्षास्त कर सजा दिये जाने, परिवार के भरण पोषण व आजीविका के लिए आश्रितों को 5 करोड़ का मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी की मांग की गई।
इस अवसर पर अम्बालाल शेरसिया, राम अवतार मीणा, साबीर मोहम्मद, रामचन्द्र पलिया, रफीक मोहम्मद मंसूरी, के.के. नीलगर, रशीद भाई, देवीलाल मीणा, बाबू खान रंगरेज, मोहम्मद इस्माईल आदि उपस्थित रहे।

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