चित्ताड़गढ़। बिजयपुर थाना क्षेत्र के पचूण्डल में बहुचर्चित प्रेम कंवर हत्याकांड के मामले में नित नये खुलासे हो रहे है और नई बातें सामने आ रही है। प्रेम कंवर की 17 फरवरी को सर कटी लाश मिली थी। हत्या के पहले मृतका प्रेम कंवर के घर में नॉनवेज व शराब पार्टी होने का खुलासा हुआ हैं। मौका स्थिति देखे जाने पर लगता है कि इस पार्टी को प्रेम कंवर की भी पूरी तरह सहमति थी। इसे देखते हुए शराब के नशे में कोई विवाद होने पर बदमाशों द्वारा प्रेम कंवर को मौत के घाट उतारे जाने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता हैं। जानकारी जुटाने में कई खुलासे सामने आए है। हालांकि विवाद क्या था यह तो हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आ पायेगा लेकिन जानकारी है कि जब हत्या के बाद बिजयपुर पुलिस मौके पर पहुंची तो लाश के पास ही एक प्लेट और कड़ाही में पका हुआ चिकन पाया गया था।
इस संबंध में ग्रामीणों से बातचीत में सामने आया है कि 13 फरवरी को 50 वर्षीय प्रेम कंवर पत्नी प्रताप सिंह अपने भाई महेन्द्र सिंह के घर गई थी और रात्रि में उसके कच्चे मकान में कुछ लोगों की हंसने की आवाजें भी सुनाई दी थी। यह भी जानकारी मिली है कि प्रेम कंवर को रात को 12 बजे मकान के बाहर स्थित हेंडपंप से पानी ले जाते हुए भी देखा गया था लेकिन उसके बाद प्रेम कंवर नजर नहीं आई और 17 फरवरी को उसकी सिर कटी लाश ही देखी गई।
पुलिस की जांच में अभी कई सुत्र हाथ लगे है लेकिन हत्या के पीछे कोई पारिवारिक रंजिश से भी इंकार नहीं किया जा सकता। हो सकता है कि हत्यारा मौके की तलाश में था और नॉनवेज पार्टी की आड़
में रंजिश निकालकर चला गया। इस पहलू को भी पुलिस गहनता से जांच के दायरे में लेकर पड़ताल में जुटी है। गौरतलब है कि प्रेम कंवर पिछले 15-20 साल से अपने मायके में रह रही थी। उसका ससुराल बस्सी के निकट सुवावा गांव था। उसका पति प्रताप सिंह उसके पास आता-जाता रहता था जिसकी 8-10 साल पहले मौत हो गई थी। उसके इकलौते पुत्र का भी 4 साल पहले निधन हो गया था और बेटी
की शादी करा दी थी और वह अपने घर पर अकेली ही रह रही थी।
17 फरवरी को पुलिस को सिर कटी लाश होने की सूचना मिलने पर जब पुलिस पहुंची तो उसके घर पर चूल्हे पर कढ़ाई में पका हुआ चिकन देखकर पुलिस भी हतप्रभ रह गई। पुलिस द्वारा मौके से चिकन के सैम्पल भी लिए गए। इसी आधार पर पुलिस का मानना है कि हत्यारे प्रेम कंवर के निकट के जानकार रहे होंगे। जानकारी है कि मृतका खेती-बाड़ी के साथ अंडे और मुर्गियां बेचने का काम करती थी और उस रात जो मुर्गा पकाया गया वो प्रेम कंवर का ही था। हांलाकि मौके पर शराब तो नहीं मिली लेकिन अगर ग्रामीणों की माने तो उस रात शराब का भी इस्तेमाल हुआ था। हत्यारों के साथ प्रेम कंवर ने चिकन का इस्तेमाल किया था कि नहीं इसकी पोस्टमार्टम में पुष्टि नहीं हो पाई। क्योंकि खाना खाने के 2-3 घंटे बाद अमाशय से बड़ी आंत में चला जाता है। जानकारों का कहना है कि प्रेम कंवर ने भी चिकन का इस्तेमाल किया होगा। वैसे समाज के लोगों का मानना है कि विधवा होने के बाद महिलाओं द्वारा शराब और मांस का सेवन तो दूर उसे हाथ तक नहीं लगाया जाता जब दोनों ही चीजों से उसका वास्ता नहीं था तो उसके घर पर चिकन बनाने की अनुमति कैसे दी गई। हत्या से पहले हत्यारों ने चिकन का इस्तेमाल किया था इसकी पुष्टि प्लेट में पाये चिकन से होती है जो आधी खाली थी। पुलिस इस मामले में कई तथ्यों की जांच कर रही है लेकिन अभी तक पुलिस यह नहीं जान पाई है कि आखिर ऐसा क्या विवाद हुआ था जो इसे मार दिया और उसकी बेरहमी से गर्दन काटकर बखारी में रख दी।
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