चित्तौड़गढ़। मेवाड़ विश्वविद्यालय के महाराणा प्रताप सेमीनार हाॅल में अन्तर्राष्ट्रीय ज्योतिष दिवस का आयोजन किया गया जिसमें अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकगणों ने बहुत बड़ी संख्या में भाग लिया।
इस अवसर पर ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि 21 मार्च को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि मानव जाति के लिए बहुत ही महत्व रखती है। इस दिन हिन्दु परम्परा अनुसार विक्रम संवत् का प्रारम्भ हुआ था तथा नव संवत्सर भी आज के दिवस ही प्रारम्भ हुआ था। इस वर्ष 2080 विक्रम संवत् तथा पिंगल नाम संवत्सर का प्रारम्भ हुआ है। ज्योतिष का अर्थ प्रकाश होता है तथा प्रकाश के षटकोणीय प्रभाव को अध्ययन ही ज्योतिष है, इसी आधार पर इस दिवस को अन्तर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में पूरे संसार में विभिन्न कार्यक्रम ज्योतिष गोष्ठिया, सम्मेलन सेमीनार आयोजित किए जाते है।
शर्मा ने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही काल गणना का आरम्भ हुआ था तथा इस तिथि से वासन्तिक नवरात्र की आरम्भ होता है तथा 9 दिवस मां भगवती की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिवस पर ही श्रीहरि विष्णु के मत्स्यावतार का प्रादुर्भाव हुआ था। न्यायशास्त्र के प्रणेता गौतम ऋषि की जयंती भी आज के दिवस ही मनाई जाती है।
मेवाड़ विश्वविद्यालय में सम्पन्न भव्य कार्यक्रम में कुलपति डॉ. आलोक मिश्रा, रजिस्ट्रार आर. राजा, डीन ज्योतिष विभाग चित्रलेखा सिंह, सभी डीन, डायरेक्टर गण, प्रोफेसर सहायक प्रोफेसर सहित नाॅन टीचिंग स्टाफ भी मौजूद रहे। इस अवसर पर गत दिवस अंक ज्योतिष पर हुई राष्ट्रीय सेमीनार के प्रमाण पत्र भी प्रतिभागियों को प्रदान किए गए।
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