शिव सेना जिलाध्यक्ष वेद 202 अस्थियों को लेकर हरिद्वार हुए रवाना, करेंगे विसर्जन


चित्तौड़गढ़। यू तो चित्तौड़गढ़ में विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों द्वारा तरह-तरह से पीड़ित मानव सेवा करने के लिए समय-समय पर आगे आते रहते हैं लेकिन यहां चित्तौड़गढ़ में एक अनोखा और अद्भुत नजारा देखने को मिला जहां गोपाल वेद नाम के एक व्यक्ति द्वारा जो कि चित्तौड़गढ़ जिले से शिवसेना जिला प्रमुख भी है। गोपाल वेद के द्वारा अज्ञात एवं लावारिस शवों का जो अंतिम संस्कार करने एवं उनकी अस्थियों को विधिवत हिंदू रीति-रिवाजों के साथ प्रतिवर्ष साल भर की एकत्रित की गई दाह संस्कार पश्चात् अस्थियों को एक कलश में लेकर एक साथ सर्व जाति समानता और धर्मनिरपेक्षता का संदेश देने के लिए एक ही कलश में सभी अस्थियों को लेकर हरिद्वार के लिए रवाना हुए हैं।
 गोपाल वेद का यह मुहिम बताया जा रहा है कि वर्ष 2006 से अनवरत जारी है जिसके तहत इन्होंने आज तक लगभग 6 हजार के लगभग लावारिस शवों को दाह संस्कार कराने के पश्चात् अस्थियों को हरिद्वार ले जाकर मोक्ष गति दिलाईं है। 
गोपाल वेद से जब हमने बात की तो उन्होंने बताया कि वह आज जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर से मोक्ष गति वाहन को लेकर हरिद्वार के लिए रवाना हो रहे हैं और इस बार वे वर्ष भर की 202 अस्थियों के साथ अपने दल को लेकर रवाना हुए हैं।
 गोपाल वेद को इस पुनीत कार्य में भारत विकास परिषद् एवं चित्तौड़गढ़ के कुछ समाजसेवी लोगों द्वारा आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है। आज दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर मोक्ष रथ को लेकर गोपाल वेद बैंड बाजों एवं शाही अंदाज में जिला कलक्टर कार्यालय से अस्थियों के कलश के साथ रवाना हुए।
चित्तौड़गढ़ के समाजसेवी एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने गोपाल वेद एवं उनके सहयोगियों को फुल मालाएं पहनाकर सम्मान किया और रथ को रवाना किया।
गोपाल वेद ने बताया कि वर्ष 2006 में जब पहली बार उनके मन में लावारिस शवों को हिंदू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करने का विचार आया तब नगर परिषद् चित्तौड़गढ़ द्वारा इन लावारिस शव को ट्यूब टायर में अंतिम संस्कार किया जाता था जिसे देखकर उनकी आत्मा दहल गई और तभी से वे इस काम का बीड़ा उठाने के लिए आगे आए और तभी से वह अनवरत इस काम को निःस्वार्थ किए जा रहे हैं।

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