रमजान की 21वीं शब रमजान उल मुबारक शरीफ को यादें मौला अली प्रोग्राम मनाया


चित्तौड़गढ़। इत्तेहाद-ए-मुस्लमीन के सदर आरिफ अली एडवोकेट ने बताया कि रमजान की 21वीं शब रमजान उल मुबारक शरीफ को यादें मौला अली प्रोग्राम मनाया गया। 
इस प्रोग्राम की दामादे रसूल हैदर ए कर्रार फ़ातेह खेबर हुजूर सय्यदना मौला ए कायनात अली ए मुर्तुजा शेर ए खुदा की याद से शुरूआत हुई। हशमत कॉलोनी में इत्तेहाद ए मुस्लिमीन के सदर आरिफ अली एडवोकेट के घर पर हुआ। जिसमें काजी ए शहर की सरपरस्ती में प्रोग्राम तिलावते कुरान से हुआ।
 हजरत मौलाना मोहम्मद खलील बरकाती ने आगाज किया। हजरत मौलाना मोहम्मद जुबैर अशरफी ने शान ए अली पर माशा अल्लाह मुख्तसर वक्त में बेहतरीन बयान किया। नातख्वा हाफिज फैज मोहम्मद अशरफी और नूरुद्दीन नूर फैज़ी ने शिरकत कर नाते मुस्तफा सल्लल्लाहो अलेह वसल्लम से दिलों को मुनव्वर फरमाया हजरत मौलाना मोहम्मद जुनेद अशरफी ने दुआ की और इसके साथ प्रोग्राम इख्तेताम पजीर (खत्म) हुआ। 
बुजुर्गान ए दीन की नगरी सर जमीने चित्तौड़गढ़ में हमारे असलाफ जिन्होंने हमारे लिए कुर्बानियां दी है जिनका आप और हम सब पर लाखों-करोड़ों अहसान है। 
हम उनकी यादों को तरोताजा बनाकर हमारे दिलों में बसाए रखें यह हमारा अखलाकी फर्ज है। व बताया हमें अपने अपने घरों में महफिल ए मिलाद शरीफ का एहतमाम करना चाहिए।
इत्तेहाद ए मुस्लिमीन कमेटी ने इसकी शुरुआत यादे मोला अली के प्रोग्राम से की। हर घर मे बाद नमाजे ईशा  फोरन शुरू होकर सिर्फ  वक्त की पाबंदी के साथ सिर्फ 1घंटे का प्रोग्राम महफिले मिलाद होगा। कमेटी का मकसद हर घर में यह प्रोग्राम हो घर घर में हमारे नबी, उम्महातुल मुस्लिमीन, सहाबी ए रसूल, ताबेईन ,तबेताबेईन  और अल्लाह के नेक वलीयो की याद हम सब मिलकर हर घर में मनाए।  
इस दौरान मौलाना मोहम्मद जुबेर अशरफी ने हमारे मुल्क मे अमन, चैन शान्ति बनी रहे इसके लिए दुऑ की और इस दौरान इत्तेहाद-ए-मुस्लिमीन के फाउण्डर मेम्बर शाहीद हुसैन लौहार , मुबारक हुसैन, शब्बीर अली ने भी माहे रमजान के बारे मे बताया और ऐसे प्रोग्रामों को ज्यादा से ज्यादा करना बताया जिससे आने वाली नौजवान पीढी में अपने परिवार, अपने समाज के प्रति जागरूकता और अपनी जिम्मेदारियों का अहसास हो। इस दौरान मदीना मस्जिद के सदर जुल्फिकार मुल्तानी, जावेद खान, मोहम्मद रशीद, मोहम्मद शरीफ रिजवी, सिद्विक खान, तनवीर अली, मोहम्मद सादिक नीलगर, फरीद कुरेशी,  हेदर अली, उस्मान कुरेशी, नदीम खान, फरदीन मेव और भी मुस्लिम समाज के मोतबीर लोग उपस्थित थे। 

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