सरसी में सैंकड़ों बीघा जमीन बिलानाम से चरनोट भूमि में दर्ज, हाईकोर्ट पहुंचा मामला

चित्तौड़गढ़। कनेरा क्षेत्र की सरसी ग्राम पंचायत में सैकड़ों बीघा चरनोट भूमि के आवंटन का मामला सामने आया है और भूमि आवंटन के बाद जब ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की और मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया तो शिकायतकर्ता के विरूद्ध भी दबाव बनाने के लिए धारा 3 में मामला दर्ज कराकर जान से मारने की धमकियां दी जा रही है। 
इस मामले में उच्च न्यायालय ने तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है और इस मामले में हाईकोर्ट के एएजी सुनील बेनीवाल ने भी अपने जवाब में अलोट की गई भूमि को केन्सिल कराने संबंधी पत्रावली प्रस्तुत की है। हांलाकि उपखंड अधिकारी ने इस मामले को रिकॉर्ड की अशुद्धि होने का हवाला दिया और कहा कि गलती से बिलानाम भूमि चरनोट में दर्ज हो गई थी। इसके लिए उच्च न्यायालय में जवाब दिया जायेगा।
मामला कनेरा क्षेत्र की सरसी गांव का है।
जहां सैकड़ों बीघा चरनोट भूमि को कुछ लोगों के नाम पर आवंटन कर दिया गया। गांव के सरपंच और उसके कुछ निकट लोगों को भूमि आवंटन किये जाने के बाद ग्रामीणों ने इस भूमि को लेकर उच्चाधिकारियों को शिकायत की लेकिन इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई। इधर ग्रामीणों ने बताया कि काफी समय तक अलोटमेंट के कागजात भी उपलब्ध नहीं कराये गये। बाद में सरसी गांव के निवासी मुकेश धाकड़ ने इस मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय में शरण ली और जनहित में यह मामला लेकर डबल बेंच में रीट पीटिशन प्रस्तुत की जिस पर 27 अप्रेल को राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विजय विश्नोई और प्रदीप भटनागर ने एक आदेश जारी कर कहा कि जनहित में की गई इस याचिका में बताया कि निम्बाहेड़ा तहसील के सरसी गांव में चरनोट में दर्ज भूमि को अलोट किया गया है। इस संबंध में अपने आदेश में बताया कि उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महा अधिवक्ता सुनील बेनीवाल द्वारा अपने जवाब में कहा गया है कि इस मामले में एक जांच भी बिठा दी गई है में और उसमें बताया कि उपखंड अधिकारी द्वारा जिस चरनोट भूमि को आवंटन किया गया उस आवंटित भूमि के संबंध में सक्षम अधिकारी के समक्ष निरस्त करने संबंधी कार्यवाही भी की गई है। इस मामले में महाअधिवक्ता सुनील बेनीवाल ने उच्च न्यायालय के समक्ष समय की मांग करते हुए वास्तविक तथ्यों संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

झूठी एफआईआर का आरोप, भूमिगत हुआ मुकेश, जारी किया वीडियो
मुकेश धाकड़ के खिलाफ धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक लाभूराम विश्नोई वहां पहुंचे और मौके का अवलोकन किया। इस दौरान गिरफ्तारी के डर से मुकेश धाकड़ भूमिगत हो गए। मुकेश धाकड़ ने अपना एक वीडियो जारी कर सोशल मीडिया पर डाला और आरोप लगाया कि गांव में मौजूद चरनोट भूमि को सरपंच और कुछ प्रभावशाली राजनेताओं ने मिलकर खुर्द-बुर्द कर दी है और चरनोट भूमि को सरपंच सहित उसके कुछ नजदीकी लोगों को अलोट कर दिया है इस मामले में उसने उच्च न्यायालय में रीट पीटिशन प्रस्तुत की है इसे लेकर लगातार उस पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह समझौता कर ले और इसलिए उस पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है ताकि वह दबाव में आ जाये। उसने कहा कि उस पर जानलेवा हमला भी किया और जान से मारने की धमकी दी जा रही
है। प्रार्थी मुकेश धाकड़ ने यह भी कहा कि सैकड़ों बीघा चरनोट भूमि पर बड़ी संख्या में पौधे लगाए गये थे और नाड़ियां भी बनाई गई थी लेकिन जिसे नष्ट कर दिया गया है, लेकिन वह दबाव में आने वाले नहीं है और उस पर समझौता करने का दबाव कुछ राजनेता बना रहे है ताकि रीट पीटिशन वापस ले ले।

प्रार्थी के खिलाफ करा दी एफआईआर 
इधर चरनोट भूमि को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय में रीट पीटिशन प्रस्तुत करने वाले मुकेश धाकड़ के विरूद्ध दो दिन पूर्व कनेरा थाने में एक मामला दर्ज हुआ है। जिसमें प्रार्थी कैलाश मेघवाल ने बताया कि ग्राम पंचायत सरसी में हो रहे निर्माण को देखने के लिए जब वहां पहुंचा तो सरसी ग्राम विकास सहकारी समिति के अध्यक्ष मुकेश धाकड़ ने उस पर ताला तोड़ने का आरोप लगाया और उसके साथ धक्का-मुक्की की और कपड़े फाड़ दिये और उसे जातिगत गाली-गलौच से अपमानित किया। इस मामले में पुलिस ने मुकेश धाकड़ के खिलाफ धारा 341, 323 और एससी-एटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

इनका कहना हें कि 
● सरसी गांव में एक धारा 3 का मामला
दर्ज हुआ है जिसका मौका देखने के लिए
गया था। हम आरोपी के घर नहीं गये बल्कि मौका देखकर आए है। मामले में बयान लिये जायेंगे और मामले की जांच की जायेगी। उसके बाद कार्यवाही होगी।
-लाभूराम विश्नोई,
पुलिस अधीक्षक यातायात शाखा

● कनेरा क्षेत्र के सरसी में जो अलोटमेंट
हुआ है वह खाता शुद्धि करने के बाद किया
गया है। पूर्व में यह आराजी चरनोट में दर्ज
हो गई थी। इस मामले में उच्च न्यायालय में
जवाब प्रस्तुत किया जायेगा। गांव के कुछ
लोगों ने उच्च न्यायालय में रीट पिटीशन
प्रस्तुत की है।
-रमेश सीरवी, उपखंड अधिकारी,
निम्बाहेड़ा

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