चित्तौड़गढ़। राजस्थान उच्च न्यायालय पीठ जयपुर में विचाराधीन प्रकरण डी. बी. क्रिमिनल अपील संख्या 122-2023 राकेश यादव उर्फ दीपक यादव बनाम राजस्थान राज्य में पारित आदेश 31 मई 2023 तथा राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) चित्तौड़गढ़ ओमी पुरोहित के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) भानु कुमार द्वारा आज जिला कारागृह, चित्तौड़गढ का निरीक्षण किया गया। जिला कारागृह में निर्मित बैरकों, रसोईघर, स्नानघर एवं शौचालयों का निरीक्षण किया गया। बैरकों में लाइट एवं पंखों की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया जो समुचित पाई गई। बंदियों को दिए जाने वाले पेयजल एवं खान-पान की वस्तुओं को जांचा व परखा गया जो नियमानुसार सही पाई गईं। निरीक्षण के दौरान रसोईघर में सफाई संतोषजनक नही पाई गई। इस पर कारागार उपअधीक्षक योगेश कुमार तेजी को समुचित सफाई व्यवस्था कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया। गत निरीक्षणों के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चित्तौड़गढ़ द्वारा जेल अधिकारियों को बंदियों की पढ़ाई-लिखाई बाबत निर्देश दिए गए थे, जिसकी अनुपालना में जेल परिसर में साक्षर बंदियों द्वारा अन्य निरक्षर बंदियों को पढ़ाया-लिखाया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान कारागार में स्थापित डिस्पेंसरी में कई दवाईयां ऐसी पाई गई जिन पर भीषण गर्मी से उनकी गुणवत्ता प्रभावित होती है। डिस्पेंसरी में फ्रिज उपलब्ध परन्तु वह भी पर्याप्त नही है। इस पर कारागार उपअधीक्षक योगेश कुमार तेजी को डिस्पेंसरी में एयर कंडीशनिंग किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। डिस्पेंसरी के निरीक्षण के दौरान दो बंदी इलाजरत् पाये गये पूछने पर चिकित्सा कर्मियों के द्वारा बताया गया कि मौसमी बीमारी से पीड़ित हैं। मरीजों से बात करने पर बताया गया कि उनका इलाज अच्छी तरह से किया जा रहा है। बैरकों में महिला व पुरुष बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में उनसे वार्ता की गई। कारागृह में स्थित महिला बैरक का भी निरीक्षण किया गया। महिलाओं से उनको दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की गई, जिसे समुचित पाया गया। निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में बंदियों की परेड करवाई जाकर प्रत्येक बंदी से जेल सुविधाओं व उनके लंबित प्रकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा उनके बताए अनुसार समस्यों के निराकरण हेतु कारापाल योगेश कुमार तेजी को मौके पर ही आदेशित किया गया। साथ ही बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी बताया गया। कारापाल योगेश कुमार तेजी द्वारा बताया गया कि प्रतिदिन सुविधानुसार बंदियों के परिजनों से उनकी बात करवाई जाती है। जिला कारागृह की कुल क्षमता 338 बंदियों की है किन्तु वर्तमान में 527 पुरूष बंदी एवं 15 महिला बंदी कुल 542 बंदी पाए गए जो क्षमता से अधिक बंदी होने से उच्चाधिकारियों से बात कर बंदियों को अन्य जेल में भेजे जाने के निर्देश दिए गए।
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