चित्तौड़गढ़। डूंगला के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में बासी खाना खिलाने से करीब तीन दर्जन बालिकाओं की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल डूंगला चिकित्सालय ले जाया गया जहां से गंभीर हालत में 15 बालिकाओं को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।
बालिकाओं के अनुसार उन्होंने कुक के सामने सुबह का भोजन देने का विरोध भी किया था लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई ऐसे में उन्हें बासी भोजन ही खाना पड़ा।
अधिकांश बालिकाओं को उल्टी, पेट दर्द के साथ सीने में जकड़न की शिकायत बताई गई। कल सुबह पुड़ी और दाल बनाई गई थी। शाम को कुक द्वारा फिर से सुबह वाली दाल पुड़ी दे दी गई जो मजबूरी में आधे से अधिक बालिकाओं ने भोजन कर लिया जबकि अन्य ने बासी होने के कारण खाना नहीं खाया और भूखी ही सो गई। टीचर किशोर कटारा के अनुसार रात करीब 9 बजे बालिकाओं की तबीयत बिगड़ने लगी उन्हे डूंगला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
कुछ बालिकाओं को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई जबकि देर रात्रि 15 बालिकाओं को चित्तौड़गढ़ रेफर किया गया। भर्ती बालिकाओं में सुमित्रा, अंगूरी, लीला, तारा, किरण, नीलू, कृष्णा, सावित्री, दीपिका, सृशा, सीता, तारा, पायल, लक्ष्मी और सोनू शामिल है। इनमें से दो बालिकाओं की हालत अभी भी स्थिर है। जिन्हें सीने में जकड़न की शिकायत बताई गई।
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