भीलवाड़ा (माय सर्कल न्यूज़ @पंकज पोरवाल)। भारत सरकार ने इस वर्ष कपास का उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत के कपास उत्पादन करने वाले आठ प्रदेशों में हाई डेंसिटी प्लाटिंग की परियोजना चला रखी है। कपास का उत्पादन बढ़ाने का कृषि वैज्ञानिकों के विचार से हाई डेंसिटी प्लांटिंग ही एक प्रमुख बिंदु है। राजस्थान में भीलवाड़ा परियोजना के अंतर्गत 1-1 एकड़ के 600 प्रदर्शन भीलवाड़ा चित्तौड़गढ़ एवं राजसमंद जिले में लगाए गए हैं। पूर्व उपनिदेशक कृषि पीएन शर्मा ने बताया कि राजस्थान की इस परियोजना में शत प्रतिशत प्रदर्शन महिला किसानों के खेतों पर लगाए गए हैं। यह अनूठा प्रयोग भारत में पहली बार भीलवाड़ा परियोजना में ही किया गया है। महिलाओं का चयन करने में उन महिला किसानों का ही चयन किया गया है जो आर्थिक स्थिति से कमजोर वर्ग से है जीवकोपार्जन के लिए मनरेगा परियोजना में मजदूरी करने जाती है। इस परियोजना में 70 प्रतिशत ओबीसी 17 प्रतिशत अनुसूचित जाति 4 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति एवं 9 प्रतिशत सामान्य वर्ग की महिलाओं के खेतों पर प्रदर्शन लगाए गए हैं। भारत सरकार प्रदर्शन में लगने वाले आदान की राशि इन महिलाओं के बैंक खातों में सीधे ही डाली जाएगी। गुडगांव में श्रीमती स्मृति ईरानी तत्कालीन टैक्सटाइल मंत्री ने गुड़गांव में नौसर देवी को सम्मानित करते हुए अपने भाषण में कहा की आज इस पूरी सभा में गांव की एक महिला को सम्मानित करते हुए मैं यह कहना चाहती हूं कि भारतीय कृषि में महिलाओं का बहुत योगदान है लेकिन जहां सम्मान का प्रश्न होता है महिलाओं को पीछे छोड़ दिया जाता है। में राजस्थान की महिला सशक्तिकरण में किए जा रहे हैं इस प्रयोग की प्रशंसा करती हूं।
कपास की सर्वाधिक पैदावार देने वाला जिला बना है भीलवाड़ा
पूर्व उपनिदेशक कृषि शर्मा ने बताया कि पूर्व में चल रही है सहभागी कपास परियोजना में भीलवाड़ा जिला कपास की सर्वाधिक भारत में प्रति हेक्टेयर पैदावार देने वाला जिला बना है विश्व की औसत रुई की उपज 744 किलो लिंट प्रति हेक्टर है जबकि भीलवाड़ा जिले की औसत उपज 900 किलो लिंट प्रति हेक्टेयर से अधिक है। शर्मा ने आगे कहा कि इस समय किसानों के प्रशिक्षण चल रहे हैं इसमें महिलाएं बढ़-चढ़कर भाग ले रही है। राजस्थान का किसान महिलाओं का सशक्तिकरण प्रयोग अन्य प्रदेशों के लिए उदाहरण बनेगा। राजस्थान महिलाओं के को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार दिलाने के लिए क्यों न गौरव करें।
3 महिलाओं को मिला राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार
पूर्व उपनिदेशक कृषि शर्मा ने बताया कि भीलवाड़ा जिले की 3 महिलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिला है। 2009 में श्रीमती छाई बाई गोस्वामी को मुंबई में, 2019 में अखिल भारतीय कपास कॉन्फ्रेंस गुड़गांव में श्रीमती नौसर देवी पोटला एवं श्रीमती भैरी देवी उदलियास को 2022 में उपराष्ट्रपति द्वारा विज्ञान भवन में सम्मानित किया। भीलवाड़ा जिला भारत में केवल एक ही जिला है जिनकी किसान महिलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।।भारत के किसी भी अन्य प्रदेश में आज तक महिला किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर कपास उत्पादन के लिए सम्मानित नहीं किया गया है।
0 टिप्पणियाँ