अंजुमन मिल्लते इस्लामिया ने राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन, हिसंक घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की मांग



चित्तौड़गढ़। पूरे विश्व में प्रेम और एकता, भाईचारे की पहचान रखने वाले भारत देश में वर्तमान में हो रही हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कानून बना कर सख्ती से लागू किये जाने की मांग को लेकर अंजुमन मिल्लते इस्मालिया संस्थान ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि लगातार हिंसा और नफरत की घटनाएँ होना देश की गरिमापूर्ण और गौरव वाली छवि के लिए ठीक नही है। हाल ही में रेलवे में सुरक्षा बल के जवान ने गोली मार कर बेगुनाह यात्रियों की जान ली, गुरूग्राम में पेश इमाम को मस्जिद में शहीद कर देना, जगह-जगह मोब लिंचिंग की घटनाएँ मुस्लिम समाज के साथ की जा चुकी है। मणिपुर में जातीय हिंसा व महिलाओं के साथ घृणित कार्य देश की छवि को धूमिल करता है। हरियाणा के मेवात क्षेत्र में हिंसा में 2 मुस्लिम युवकों को जिन्दा जला देना, इन सब घटनाओं पर भी देश की केंद्र सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई।
ज्ञापन में सभी धर्मो की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाये जाने की मांग की गई ताकि भारत के हर नागरिक के मन से भय समाप्त हो और नफरत फैलाने वाले लोगो पर कठोर कार्यवाही हो। भविष्य में पुनरावृत्ति न हो और समस्त भारतवासियों के मन में विश्वास और सुरक्षा की भावना पैदा हो। वसुधैव कुटुम्बकम् और गंगाजमनी तहजीब कायम रहे।
इस अवसर पर शहर काजी अब्दुल मुस्तफा, मौलाना सलीम अशरफी, मौलाना जुबेर, मोलाना अब्दुल रशीद बरकाती, मोलाना खलील बरकाती, मौलाना रईस कुम्भानगर, मौलाना अहसान, हाफीज जाकीर, वक्फ बोर्ड जिलाध्यक्ष मुर्तुजा खान, जाकीर हुसैन, रफीक चंदेरिया, इम्तियाज लौहार, पूर्व सदर गनी, फिरोज चंदेरिया, शाहीद लौहार, जुल्फकार मुल्तानी, इस्माईल मंसूरी, सिद्वीक नूरी, मोहम्मद युसुफ, अहमद नूर, आबिद मास्टर, तनवीर एडवोकेट, शकील शेख, अजहर हुसैन सहित कई लोग मौजूद रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ