जहाजपुर (माय सर्कल न्यूज़ @रविकांत जोशी)। अच्छे समाज के निर्माण के अन्तर्गत लोगों को शाकाहारी-सदाचारी बनाना, शराब आदि नशों से दूर करना
समय की मांग है। भौतिक विद्या को पढ़कर शिक्षित होकर रोजी-रोटी कमाने के साथ अच्छा समाज बनाना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है। वर्तमान में नैतिक चरित्र का पतन, हिंसा और अपराध में लिप्त होने से सारे समाज का ताना-बाना बिगड़ रहा है। इससे तो प्रभु की भक्ति भी नहीं कर सकेंगे जिसके लिये यह मानव तन मिला है। यह विचार आज तहसील जहाजपुर अन्तर्गत खेल मैदान हाडोला चौराया, माता जी का खेड़ा में आयोजित जयगुरुदेव सत्संग समारोह में प्रवचन करते हुये सन्त पंकज महाराज ने व्यक्त किये और कहा ‘‘नर समान नहिं कवनिउ देही। जीव चराचर याचत जेही।।’’ मानव तन के समान कोई शरीर नहीं क्योंकि इसमें से दोनों आंखों के मध्य भाग से स्वर्ग, बैकुण्ड और अन्य लोकों में जाने का रास्ता है। इसलिये भाई-बहनों! ‘मिली नर देह यह तुमको, बनाओ काज कुछ अपना।’
उन्होंने कहा इस जड़ संसार में मन की ख्वाहिसों, इच्छाओं को पूरा करने के लिये दिन-रात भाग-दौड़ करते हैं जो कभी पूरा होने वाला नहीं। गुरु पर भरोसा और विष्वास करें। निःस्वार्थ भाव से सत्गुरु से प्रेम करें। उनके आदेषों में रहना सीखें। जिस प्रकार प्यारे बेटे को बाप से मांगने की जरूरत नहीं पड़ती। उसी प्रकार गुरु के प्यारों को, आवश्यकता की सब चीजें मिलती रहती हैं। वे आपके कर्मोें को छोटे रूप में चुका देते हैं। अध्यात्म में बिना भरोसे और विश्वास के एक कदम भी चलना मुश्किल होता है। सब जगह मेहनत, ईमानदारी की जरूरत है। मेहनत, ईमानदारी से कामों को करते हुये भाग्य पर विश्वास रखें कि जो भाग्य में होगा, वह अवष्य मिलेगा। जिनको सतगुरु नामदान का टिकट दे देते हैं वे एक न एक दिन अपने निजघर सतलोक जरूर पहुँच जायेंगे। बाबा जयगुरुदेव महाराज ने करोड़ों लोगों को नामदान की बक्शीश की और अब उनके उत्तराधिकारी पंकज महाराज सुरत-शब्द का भेद बता रहे हैं। अब नये जीवों का कल्याण ‘जयगुरुदेव’ नाम के सुमिरन से होगा।
महाराज जी ने कहा संत फकीर रूहानियत का संदेष देने के लिये आते हैं। वे समदर्षी होते हैं। सरियतें अलग-अलग जरूर नजर आती हैं लेकिन सबमें रूहानियत एक है। हमें जो कुछ प्राप्त होगा रूहानियत से प्राप्त होगा। समय बीतने के साथ-साथ जब हम रूहानियत से दूर हो जाते हैं रगड़े-झगड़े पैदा हो जाते हैं। इस समय नवयुवकों में अच्छे संस्कार औेर चरित्र निर्माण की जरूरत है। जो संत, महात्माओं के सत्संग में पड़ता है। पूज्य पंकज जी महाराज ने सभी मानव जाति के लोगों से अण्डा, मांस, शराब आदि चीजों को छोड़कर शाकाहार अपनाने की अपील किया और लोगों से शाकाहार, मद्य निषेध के प्रचार-प्रसार के लिये अपना योगदान देने के लिये आह्वान किया।
बाबा पंकज महाराज ने आगामी 20 से 24 दिसम्बर तक जयगुरुदेव मन्दिर आगरा-दिल्ली बाईपास मथुरा में आयोजित होने वाले पूज्यपाद स्वामी घूरेलाल महाराज दादा गुरु के पावन वार्षिक भण्डारा मेला में भाग लेने का निमन्त्रण दिया और बताया यहां जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर बना है, जहां बुराईयां चढ़ती हैं। कार्यक्रम में शांति व सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।
धर्म यात्रा के यहा पहुंचने पर माता जी का खेड़ा के समस्त ग्रामवासियों ने उसका भव्य स्वागत किया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया। आज यहां शाहपुरा में जयगुरुदेव सत्संग भवन निर्माण हेतु अशोक कुमार द्वारा दान में दी गयी भूमि पर महाराज ने भूमि पूजन किया। अगला सत्संग कार्यक्रम कल तह. जहाजपुर के गांव गांगीथला में सायं 3.30 बजे से आयोजित है।
0 टिप्पणियाँ