गुणगान सामायिक और जाप करके मनाया गया सौभाग्य मुनि का पुण्य स्मृति दिवस


भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। शहर के अहिंसा भवन मे श्रमणसंघ के महामंत्री सौभाग्य मुनि महाराज के पुण्य स्मृति दिवस पर महासती प्रिती सुधा ने धर्मसभा मे गुणागान करतें हुए कहा कि भौतिक रूप से सौभाग्य मुनि महाराज कि देह हमारे बीच नहीं है पर श्रमणसंघ एवं सम्पूर्ण जैन समाज उनके योगदान को भूला नहीं सकता है। सौभाग्य मुनि ने श्रमणसंघ को उच्च शिखर तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को निभाते हुए गुरू अम्बेश के बताये गये अहिंसा के मार्ग को अपनाकर समाज को संघठन एकता के सूत्र में जो बांधा उन उपकारों को मेवाड़ भूल नहीं सकता है। आपकी आपकी साधना और विद्वत्ता को देखकर आचार्य आनन्द ऋषि एवं सभी संतो ने आपको श्रमण संघ के महामंत्री पद प्रदान किया गया था। सौभाग्य मुनि ने समाज फैली कही कुरितियों मिटाया और धर्म अलख जगाई। मानवता के मसीहा करूणा के देवता थे आपने अनेंक शास्त्रों का शोध के साथ  संस्कार जागरण चिकित्सा परमार्थ संघ संगठन की दिशा में महाविधालय साधना सदन संस्थान आदि स्थापित किए जो आज भी गतिमान रूपसे सम्पूर्ण देश अलग प्रांतों चल रहें है। साध्वी उमराव कंवर ने कहा कि सच्चे साधक संत रत्न थें सौभाग्य मुनि। अहिंसा भवन शास्त्री नगर के अध्यक्ष  लक्ष्मण सिंह बाबेल ने बताया सौभाग्य मुनि महाराज की तीसरे पुण्य स्मृति दिवस पर हेमन्त आंचलिया, राजेन्द्र चीपड़, सुशील चपलोत, कूशल सिंह बूलिया, सरदारसिंह कावड़िया, संदीप छाजेड़, ललित बाबेल, महावीर बाबेल, अमर सिंह संचेती साहिल बाबेल एवं चंदन बाला महिला मंडल की अध्यक्षा नीता बाबेल, मंजू  पोखरना, रजनी सिंघवी, उमा आंचलिया, संगीता बाबेल, सुनीता झामड़, मंजु बापना, वनिता बाबेल अंजना सिसोदिया आदि पदाधिकारियों के साथ सैकड़ों श्रध्दांलूओ की उपस्थिति रही। निलिष्का जैन बताया स्मृति दिवस पर सभी ने तीन-तीन सामायिक की और महामंत्र नवकार का जाप किया गया सभी को बाबेल परिवार की ओर से प्रभावना दी गई।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ