चित्तौड़गढ़।परिवादी ओमप्रकाश खटीक पिता देवीलाल खटीक निवासी जुना बाजार चित्तौड़गढ़ ने वर्ष-2012 में मोईनुद्दीन पिता अली मोहम्मद नीलगर निवासी न्यु क्लॉथ मार्केट चित्तौड़गढ़ के विरूद्व धारा 138 नेगाशिएबल इंस्ट्रयुमेंट एक्ट के तहत परिवाद न्यायालय में इस आषय का पेष किया। मोइनुद्दीन ने परिवादी ओम प्रकाश खटीक से 20 मई 2012 को राशि 50 हज़ार रुपए नगद उधार प्राप्त किये। उक्त उधार ली गई राशि की अदायगी पेटे चैक दिया, जो अपर्याप्त राशि के कारण डिस ऑनर हो गया। मोइनुद्दीन के अधिवक्ता अबरार हुसैन अब्बासी ने न्यायालय मे तर्क दिया कि उक्त चैक मोइनुद्दीन के बचत खाते का नही है, जिस पर मीरा केबल नेटवर्क के दो पार्टनर की सील लगी हुई है। मीरा केबल नेटवर्क के 9 पार्टनर है, उक्त परिवाद में परिवादी ने मीरा केबल नेटवर्क को पक्षकार नही बनाया गया है। परिवादी अपना परिवाद प्रमाणित करने में पूर्णतया असफल रहा है। न्यायालय विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट, एन.आई. प्रकरण चित्तौड़गढ़ के पीठासीन अधिकारी, रीतिका श्रोती ने प्रकरण में शीघ्र सुनवाई करते हुए अधिवक्ता अभियुक्त अबरार हुसैन के तर्को से सहमत होते हुए अभियुक्त मोईनुद्दीन को संदेह का लाभ देकर दोष मुक्त कर दिया।
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