श्रमिक नेता और उनके साथियों पर हुए जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग


भीलवाड़ा, (पंकज पोरवाल)। वस्त्रनगरी के औद्योगिक क्षेत्र रीको में बीते दिनों लगातार हो रहे हमले और फायरिंग के मामले में अभी तक शांत नहीं हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र रिको में श्रमिक संगठन के अध्यक्ष और पदाधिकारियों पर हमला और फायरिंग करने के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में औद्योगिक क्षेत्र रिको में कामकाज ठप करने की चेतावनी दी है। साथ ही उन्होंने भीलवाड़ा में औद्योगिक शांत रहे और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। भीलवाड़ा मजदूर संघ के अध्यक्ष पन्नालाल चैधरी ने देव गार्डन रिर्सोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन पर दो बार जानलेवा हमला हो चुका है लेकिन सारे अपराधी नहीं पकड़े गए है और हाल ही में वे फायरिंग के मामले में तो पुलिस के हाथ बिलकुल खाली है। उन्होंने कहा कि न तो अब तक गाड़ी पकड़ी गई है और न ही हमलावर। उन्होंने चेतावनी दी कि पांच दिन में अपराधी नहीं पकड़े गए तो औद्योगिक क्षेत्र रिको में काम ठप कर दिया जाएगा फिर भी अगर कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्री पर धरना देंगे। मजदूर संघ के महामंत्री बंशीलाल माली ने कहा कि अभी जो भीलवाड़ा का माहौल हो रहा है ऐसे माहौल में श्रमिक में काम नहीं कर सकते हैं। अगर अपराधी नहीं पकड़े गए तो मजदूर और फैक्ट्री मालिकों को साथ लेकर आन्दोलन करेंगे। चेतावनी दी कि 5 दिन में अपराधी नहीं पकड़े गए तो औद्योगिक क्षेत्र रिको में काम ठप कर दिया जाएगा फिर भी अगर कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्री पर धरना देंगे। 
संगठन मजदूरों के हितों के लिए करता है  
भीलवाड़ा मजदूर संघ के अध्यक्ष पन्नालाल चैधरी ने कहा कि भीलवाड़ा मजदूर संघ मजदूरों के हितों का काम करता है और वह उद्योगपतियों को साथ लेकर चलता है। उनके बीच कोई विवाद नहीं है। संगठन के ही कुछ कार्यकर्ताओं में किसी आपसी विवाद के चलते झगड़ा शुरू हुआ था। दोनों को समझाया गया लेकिन वे नहीं माने। कोरोना काल को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रशासन ने फैक्ट्री मालिकों को तीन साढ़े तीन हजार प्रतिमाह वेतन देने का फैसला किया था लेकिन कई उद्योगपतियों ने भुगतान नहीं किया इसकी संगठन ने शिकायत की। तभी से उद्योगपति संजय पेड़ीवाल और अन्य उनसे नाराज रहते है। यही वजह है कि उन्होंने संगठन के खिलाफ हाल ही में प्रशासन को ज्ञापन भी दिया।
उपाध्यक्ष नंदलाल माली ने बताया कि मजदूर संघ द्वारा अब तक 58 लाख रुपए से ज्यादा की 24 मजदूर परिवारों के साथियों को मदद की है। इनमें कुछ हादसों के शिकार हुए है तो कुछ घायल हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि खून की कमी से होने वाली मौतों को रोकने के लिए ब्लड कैम्प भी लगा रहा है और अब तक दस हजार से ज्यादा रक्तदान करवा चुका है।

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