चित्तौड़गढ़। कलेक्ट्रेट चौराहे पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे अफीम किसानों का धरना आखिरकार समाप्त हो गया है। राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के बैनर तले जारी इस आंदोलन को खत्म कराने के लिए स्थानीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। वार्ता के बाद प्रशासन ने जारी डोडाचूरा नष्टीकरण के आदेश को वापस ले लिया है, जिसके बाद किसानों ने अपना अनशन खत्म करने की घोषणा की। विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के बैनर तले किसान लगातार कलेक्ट्रेट चौराहे पर डटे हुए थे। मामले को सुलझाने के लिए राजस्थान सरकार के प्रतिनिधित्व के तौर पर चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, जिला कलेक्टर, एडिशनल एसपी, आबकारी अधिकारी और नारकोटिक्स विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किसानों के साथ मैराथन वार्ता हुई। वार्ता के दौरान आबकारी आयुक्त नमित मेहता से फोन पर सीधी बातचीत की गई। इसके बाद तय हुआ कि डोडाचूरा नष्टीकरण का जारी आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाएगा। साथ ही यह निर्णय भी लिया गया कि जब तक सरकार और अफीम किसानों के बीच मुआवजे पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक नष्टीकरण की कोई कार्रवाई या नया आदेश जारी नहीं होगा। इसके अलावा किसानों की अन्य मांगों के लिए सभी विधायकों और सांसद सीपी जोशी के साथ वार्ता कर उचित समाधान निकालने पर सहमति बनी। वार्ता के दौरान विजय लाल, भगवती लाल, सोहन लाल, रवि मेनारिया, बद्रीलाल, दुर्गा शंकर, मांगी लाल, जगदीश, नारायण, मोहन खारोल कलेक्टर सभागार में उपस्थित थे। सहमति बनने के बाद विधायक और अधिकारियों ने आमरण अनशन पर बैठे राष्ट्रीय अफीम किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश जोशी एवं धरने पर बैठे अफीम किसान उदयपुर जिला अध्यक्ष विजय लाल मेनारिया, तहसील अध्यक्ष डूंगला भगवती लाल व्यास, कपासन तहसील अध्यक्ष शंभु लाल भट्ट, मांगी लाल पुष्करणा, सोहन लाल मेनारिया , प्रहलाद तेली, श्याम लाल चौधरी, जगदीश पुष्करणा, राजमल तेली, सिताराम डांगी, बद्रीलाल जाट, मांगी लाल रुपाखेड़ी, लेहरू लाल जाट को ज्यूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त करवाया। अनशन खत्म होने के बाद क्षेत्र के किसानों ने संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश जोशी और अनशनकारी किसानों का साफा पहनाकर सम्मान किया और अपनी मांगों को लेकर एकजुट रहने का संकल्प जताया।
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