चित्तौड़गढ़। सड़कों पर दौड़ती लग्जरी और स्लीपर बसों की लापरवाही और नियमों की अनदेखी पर अब कानून का चाबुक चल गया है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर चित्तौड़गढ़ में न्यायिक अधिकारियों, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने बसों का औचक निरीक्षण किया। सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वाली बसों के खिलाफ मौके पर ही सख्त कार्रवाई करते हुए चालान काटे गए और गाड़ियां सीज की गईं।
प्रदेश में लगातार हो रहे सड़क हादसों, बसों में आग लगने की घटनाओं और यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। चित्तौड़गढ़ जिला कलक्टर से समन्वय बनाकर एक संयुक्त निरीक्षण दल का गठन किया गया।
इस टीम की अगुवाई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव योगिता पारीक और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंकज कुमार काबरा ने की। टीम में यातायात पुलिस निरीक्षक मोतीराम, परिवहन निरीक्षक हरिगोविंद गुर्जर व विक्रम सालवी सहित प्राधिकरण के कर्मचारी शामिल रहे।
टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों पर अचानक दबिश देकर लग्जरी और स्लीपर बसों को रुकवाया। जांच के दौरान बसों और स्लीपर कोच की निर्धारित लंबाई, अग्निशमन यंत्र की मौजूदगी और कार्यप्रणाली, आपात स्थिति में कांच तोड़ने के लिए हैमर, इमरजेंसी एग्जिट गेट की स्थिति, सीट क्षमता, वाहनों की फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य वैध कागजात की बारीकी से पड़ताल की गई। निरीक्षण के दौरान जो बसें सरकारी मानकों और सुरक्षा नियमों पर खरी नहीं उतरीं, उन पर तुरंत कार्रवाई की गई। प्राधिकरण सचिव के अनुसार, जांच में खामियां पाए जाने पर 4 बसों के चालान काटे गए, जबकि गंभीर अनियमितता मिलने पर 2 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण ने साफ संदेश दिया है कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वाले बस संचालकों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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