वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ कानू खान बुधवाली ने कपासन दरगाह कमेटी द्वारा दरगाह परिसर में करवाएं जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि वक्फ बोर्ड की जमीन पर विकास कार्य कैसे किए जाते हैं तो उन्हें एक बार कपासन आकर यहाँ देखना चाहिए। उन्होंने हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल की बात की।
कुल की रस्म के दौरान दरगाह सेकेट्री ने मोहम्मद यासीन खां अशरफी ने कहा कि दीवाना शाह का पहला उर्स हिजरी 1364 में मनाया गया। उन्होंने अगली बार 82वाँ उर्स मनाए जाने की जानकारी दी।
देश के कई इलाकों से लाखों जायरीन कपासन दरगाह पहुंचे। कुल की रस्म के बाद कुल की छींटे लेने के लिए बड़ी संख्या में जायरीन उमड़ पड़े। वही बुधवार को मुख्य मज़ार के पट आम जायरीनों के लिए खोले जाएंगे।
0 टिप्पणियाँ