घटना की गंभीरता को देखते हुवे घटना का अविलम्ब खुलासा करने हेतु वृत्ताधिकारी बेगूं रतनाराम के नेतृत्व में थाना बेंगु से एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया जाकर अज्ञात मृतका की पहचान के लिये ऑल राजस्थान के थानों पर वायरलेस मैसेज भेजा गया एवं बिजोलिया, मांडलगढ़, डाबी आदि खदानों पर कार्य करने वाले मजदूरों को फोटो दिखाये जाकर अज्ञात मृतका महिला की पहचान के लिये प्रयास किये गये मगर कोई पता नही चला। थाना बेगूं के सीमा से लगे हुवे मध्यप्रदेश के थानो से सम्पर्क करके उनके वहां पर भी महिला की गुमशुदगी के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। अज्ञात मृतका महिला की पहचान के दौराने ही खास मुखबीर ने बताया कि मध्यप्रदेश के सावेर निवासी रेखा जो कि विगत 3 सालों से मनोज सिंह पिता नागु सिंह राजपूत निवासी सामगीमाना के साथ प्रेमिका बन कर मध्यप्रदेश के ही आगर निवासी लोकेश सिंह गुर्जर के मकान में कमरा किराये पर लेकर रह रही थी। आगर निवासी लोकेश सिंह गुर्जर के मकान पर पहुॅच कर मालुमात की गई तो 4 जुलाई को मनोज सिंह कमरे से रेखा को शाहाजपुर में कमरा किराये पर लेने की बात बता कर अपने साथ लेकर गया था। उसके बाद रेखा को किसी ने भी नही देखा। इस पर संदिग्ध आरोपी मनोज सिंह व साथी राजेन्द्र प्रसाद बैरागी की तलाश कर डिटेन कर पूछताछ की गई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रेखा आये दिन बच्चे पैदा करने एवं मकान दिलाने की बात को लेकर लड़ाई झगडा करती रहती थी। आये दिन के लड़ाई झगडा से परेशान होने से रेखा को जोगणीया माताजी की तरफ घुमने की कह अपनी कार में ड्राईवर के साथ आये ओर रात्री में जोगणिया माताजी के जंगल में ले जाकर चाकू मार घायल करके पट्रोल डाल कर आग लगा कर मार दिया।
मामले में प्रेमी मनोज सिंह व ड्राईवर राजेन्द्र प्रसाद बैरागी को गिरफ्तार किया गया। जिनसे घटना के संबंध में अनुसंधान कर साक्ष्य संकलित किये जा रहे है।
पुलिस टीम के सदस्यगण रतनाराम देवासी आर.पी.एस. वृताधिकारी वृत बेगूं, भवानी सिंह राजावत थानाधिकारी बेगूं, शिव लाल मीणा पु.नि. थानाधिकारी गंगरार, देवी लाल स.उ.नि. थाना बेगूं, लालचन्द्र स.उ.नि. थाना बेगूं, महेन्द्र सिंह एच.सी. 317 थाना बेगूं, अजयपाल एच.सी. 674 थाना बेगूं (अभियुक्त मनोज को पकडने में अहम भूमिका रही), श्रीभान कानि. 205 थाना बेगूं, विकास कानि. 1083 थाना बेगूं, धर्मपाल कानि. 385 साईबर सेल चित्तौड़गढ़, रामावतार कानि. 555 साईबर सेल चित्तौड़गढ़, प्रवीण कानि. 208 साईबर सैल चित्तौड़गढ़ आदि शामिल थे।
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