फूटपाथ बाजार के दुकानदारों ने मंदिर मंडल अध्यक्ष के नाम सौंपा ज्ञापन

सांवलियाजी (उमेश तिवारी)। सांवलियाजी कस्बे में फुटपाथ बाजार में स्थित दुकानों के दुकानदारों ने श्रीसांवलियाजी मंदिर मंडल बोर्ड के अध्यक्ष व मंदिर मंडल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि इन दुकानदारों को मंदिर मंडल प्रशासन के द्वारा नियमानुसार आवेदन लेकर लॉटरी के द्वारा दुकानों का आवंटन किया गया था। जिसका किराया भी इन व्यापारियों के द्वारा समय समय पर जमा करवाया जा रहा था। जानकारी के अनुसार विगत 18 वर्षों से यह व्यापारी इन दुकानों का किराया मंदिर प्रशासन को समय समय पर जमा करवाया जा रहा। लेकिन गत दिनों श्री सांवलियाजी मंदिर मंडल के द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत इनकी दुकानों को भी वहां से हटवाया जा रहा है। ज्ञापन के माध्यम से दुकानदारों ने कहा कि मंदिर मंडल प्रशासन गरीब दुकानदारों को वर्तमान में अतिक्रमण के नाम से दुकानें खाली करवाने पर आमदा है। हम सभी लोगों को इस दुकान के अलावा मंदिर मंडल की अन्य कोई दुकानें नहीं है। हम लोगों के जीवन उपार्जन का जरिया भी यहीं दुकानें है। लगभग 36 परिवार का पालन पोषण इसी बाजार से होता है। जबकि इन सभी दुकानदारों का जन्म स्थान मूल निवास सांवलियाजी ही है। इन दुकानदारों के अधिकांश परिवार की भूमि मंदिर अवाप्ति से प्रभावित है। इसके अलावा कोई दूसरे गांव का नहीं है। व्यापारियों ने मांग की है कि यदि हमारी दुकानों को खाली करवा रहे हो तो मंदिर मंडल के संपत्ति में भूमि अवाप्ति से प्रभावित परिवारों के अलावा सभी दुकाने खाली करवाई जाए। साथ ही मुख्यतः यशोदा विहार धर्मशाला के नीचे वर्षों से नियम विरुद्ध दुकानों का आवंटन कर रखा है इन दुकानों में 16 गांवों के अलावा अधिकांश लोग बाहर के हैं। उनसे खाली नहीं करवाने का भी इन व्यापारियों के द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए खाली करवाने की मांग की। ज्ञापन की कार्यवाही में मंदिर मंडल के द्वारा अगर इनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इन व्यापारियों ने आमरण अनशन करने की भी चेतावनी दी। साथ ही ग्राम वासियों के द्वारा ज्ञापन की प्रतिलिपि राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री, राजस्थान के राज्यपाल, चित्तौड़गढ़ प्रभारी मंत्री, चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर, उपखण्ड अधिकारी, भदेसर तहसीलदार आदि को भी प्रेषित की गई।
 ज्ञापन सौंपने के दौरान रामलाल, प्रभु लाल, पप्पन, राजू गुर्जर, हीरालाल, माधुलाल, घासी लाल गुर्जर, श्यामलाल, सुरेश चंद्र, जगदीश चंद्र साहू, नारायण लाल, सवाई लाल, श्रीलाल, राहुल गाडरी, चंपालाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी व दुकानदार मौजूद थे।

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