गैस लाईटर ले जा रहे कंटेनर में लगी भीषण आग, कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू

चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़-उदयपुर सिक्सलेन मार्ग पर मंगलवाड़ के समीप एक कंटेनर में अचानक आग लग गई। कंटेनर में पीछे से आग लगी तो ड्राईवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सड़क के एक ओर खाली स्थान पर कंटेनर को रोक दिया
और खलासी सहित नीचे ऊतर गया। हांलाकि थोड़ी ही देर में कंटेनर धूं-धूं
कर जलने लगा और लपटें दूर तक दिखी और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। बाद में विभिन्न स्थानों से फायर बिग्रेड मंगाकर आग पर काबू पाया। कंटेनर में गैर लाइटर, केमिकल के कट्टे और अन्य सामान रखते हुए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उदयपुर - चित्तौड़ मार्ग पर सिक्सलेन पर दो कंटेनर आगे पीछे चल रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे कंटेनर ने आगे वाले कंटेनर को
टक्कर मार दी। थोड़ी देर बाद ड्राईवर को धुंआ निकलता दिखा तो उसने नीचे
ऊतर कर देखा कि आग तेज हो रही है। उसने सूझबूझ और समझदारी का
परिचय देते हुए कंटेनर को हाईवे के किनारे खाली जगह पर ले जाकर रोक दिया और खलासी सहित आग बुझाने में लग गए लेकिन थोड़ी ही देर में तेजी से आग फैलने लगी और कंटेरन धूं-धूं कर जलने लगा आग की लपटें इतनी तेज थी कि दूर से ही धुंआ और लपटें दिखाई दे रही थी।
उदयपुर-चित्तौड़गढ़ मार्ग पर आग लगने वाले कंटेनर में गैस लाईटर भरे थे जो आग लगने के बाद तेजी से आग पकड़ने लगे। ड्राईवर ने बताया कि केमिकल के कट्टे सहित गैस लाईटर और 27 टन माल भरा था। बाद में मौके पर भीड़ जमा होने के बाद कुछ लोगों ने मंगलवाड़ पुलिस को इसकी सूचना दी और फायर बिग्रेड सहित पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बड़ीसादड़ी, भींडर और चित्तौड़गढ़ से फायर बिग्रेड मंगवाई और कई घंटों के बाद
आग पर काबू पाया जा सका। आग इतनी तेज थी कि कंटेनर जलकर पूरी तरह राख हो गया। बाद में पुलिस ने आस-पास से जेसीबी और हाइड्रो क्रेन मंगवाई और कंटेनर के मलबे को सड़क के एक ओर किया। इधर फायर ब्रिगेड में पानी खत्म होने के बाद आस-पास पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई। बड़ी मुश्किल से फायर ब्रिगेड पानी लेकर आई और आग बुझाने की प्रक्रिया शुरु हुई।

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