भूपालसागर। क्षेत्र का सबसे बड़ा जैन तीर्थ श्री करेड़ा पार्श्वनाथ जैन तीर्थ पर आज सूर्योदय की पहली किरण सीधी पार्श्वनाथ भगवान पर गिरी और पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव का आगाज हुआ। महोत्सव के तहत सरल उपाध्याय, दिव्य चन्द्र विजय, पुनित यशविजय म.सा. महारासा नवकार यश विजय म .सा आदि के साथ इस बार के पोस दशम त्रिदिवसीय कार्यक्रम का कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। निश्रा सौम्य, साध्वी रत्ना श्रीजी पुनित रसा श्रीजी आदि ठाना 4 के सानिध्य में सुबह भक्तांबर वाचन हुआ। फ़िर पार्श्वनाथ भगवान का अष्ट प्रकार की ओषधियों के द्रव्यों से अभिषेक किया गया। बेंड बाजे के साथ पालकी में भगवान ओर रथ में भगवान को बिठाकर वरघोड़ा जैन मंदिर से शुरू होकर बस स्टेण्ड से होते हुए मुख्य बाजार से आजाद चौक होकर पुनः मुख्य बाजार से तालाब पर पहुंचा। वहां भगवान की आरती हुई बाद में परम् पूज्य महारसा की शुभ निश्रा में धर्म सभा हुई। भगवान के जन्मकल्याणक पर प्रवचन दिया। सम्पूर्ण त्रिदिवसीय महोत्सव के लाभार्थी परिवार मूलचंद भूरमल परमार नाडोल, सागरमल अचलदास परमार, मीठा लाल, हीराचंद दोशी, कांतिलाल, जुगराज पुनमिया रानी वालो के द्वारा किया गया। करेड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ के पेड़ी द्वारा बहुमान किया गया। आसपास के करीब पचास से ज्यादा गाँवो से बड़ी संख्या में जैन श्रावक श्राविका दर्शन पूजा वरघोड़े ओर स्वामी वात्स्ल्य लाभ लिया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक अर्जुन लाल जीनगर, करेड़ा पार्श्वनाथ ट्रस्ट के हेमंत कोठारी, दिलीप सुंदेशा, अनीश कोठारी, अनिल मेहता, श्रेणिक मनावत, बालेन्द्र कोठारी, रमेश भाई, हिम्मत नगर, परेश धोका, मनीष भंसाली लिमड़ी, स्थानीय संघ के करेड़ा पार्श्वनाथ मण्डल महिला मण्डल के द्वारा व्यवस्था को पूर्णतया रूप दिया गया
इसके अलावा आसपास के गाँवो से सैलाब उमड़ा। आज शाम को भव्य कुमार पाल राजा की महाआरती भव्य जुलुस कुमार पाल राजा का रथ में बिठाकर महाआरती का लाभ लिमड़ी निवासी शांति लाल परेश भाई धोका ने लिया। सुबह पक्षाल ओर केशर पुजा का लाभार्थी कांतिलाल जुगराज पुनमिया रानी वालों ने लिया। मन्दिर को भव्य गहुली से ओर अंदर फूलो की माला से भव्यातिभव्य तरिके से सजाया गया।
0 टिप्पणियाँ