चित्तौड़गढ़। विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधि की प्रेरणा से पद्मावती सेवा संस्थान द्वारा गौरैया संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए पक्षी आवास लगाए गए। यह जानकारी देते हुए पद्मावती सेवा संस्थान के तरुण सुखवाल ने बताया कि आज संपूर्ण विश्व घरेलू चिड़िया गौरैया को बचाने के लिए विश्व गौरैया दिवस मना रहा है। इसी के तहत पर्यावरण गतिविधि की प्रेरणा से बूंदी मार्ग पर पक्षी आवास लगाने का कार्यक्रम पर्यावरण गतिविधि के प्रांत संयोजक धर्मपाल गोयल, पद्मावती सेवा संस्थान सचिव बसंत गोयल, कोषाध्यक्ष मुकेश कोठारी, गतिविधि के नगर संयोजक सतीश सोनी के सानिध्य में लगाए गए। साथ ही जिन लोगों को पक्षी आवास लगाने हैं उनको निशुल्क भी वितरित किए गए। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए पर्यावरण प्रेमी धर्मपाल गोयल ने बताया कि गौरैया एक घरेलू चिड़िया है जो पुराने समय में घरों में रहती थी तथा मानव के सबसे नजदीकी परंतु अंधाधुन पक्का करण आवास की कमी, रासायनिक उर्वरक की अधिकता के कारण यह विलुप्त प्राय हो रही हैं। जिसका प्रमुख कारण इसके आवास और भोजन की कमी है। मार्च से जुलाई के मध्य इनका प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए इनके लिए कृतिम आवास लगाया जा रहा है जिससे कि इनका पुनर्वास हो सके। यह इकोसिस्टम के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है। इस अवसर पर पद्मावती सेवा संस्थान के मुकेश कोठारी, भेरूलाल भाई, मुकेश माली, राजू राठी, गोविंद सोनी सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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