वन विभाग में गड्ढा खुदाई के भुगतान को लेकर मजदूरों ने कलेक्ट्रेट परिसर में डाला डेरा



चित्तौड़गढ़। दिहाड़ी मजदूरों से वन विभाग के ठेकेदार ने गड्डों की खुदाई करवा मजदूरों को भुगतान नही करने का मामला सामने आया हैं। दिहाड़ी मजदूरों ने कलेक्ट्रेट परिसर में डेरा डालकर कर जिला कलक्टर से वन विभाग में खोदे गढ्डों का भुगतान दिलाने की मांग की हैं।
जानकारी के अनुसार रावतभाटा वन विभाग रेंज में पिछले दिनों गड्ढे खुदाई का कार्य मजदूरों से ठेकेदार द्वारा करवाया गया। मजदूर विजय कुमार, नंद किशोर, सुरेंद्र, पुष्पा ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा वन विभाग रेंज में ठेकेदार को गढ्ढे खुदाई का कार्य दिया। जिस पर ठेकेदार ने हम मजदूरों से बात कर प्रति गड्ढा खुदाई की रेट तय की। 
इसके बाद एक माह में एक लाख 60 हजार गड्ढे खोद दिए। अब भुगतान की बारी आई तो ठेकेदार भुगतान करने की आनाकानी कर रहा हैं और गड्ढे की संख्या भी मात्र 35 हजार बता रहा हैं। करीब 50 महिला-पुरुषों ने मिलकर एक माह में एक लाख 60 हजार गड्ढे खोदे हैं। मजदूरों ने बताया कि प्रत्येक गड्ढा खुदाई का 13 रूपए फिक्स किया गया था। इस हिसाब से मजदूरों का करीब 20 लाख 80 हजार रुपए का भुगतान बनता हैं। विभाग व ठेकेदार द्वारा गड्ढों की गिनती की जा रही हैं तो 35 हजार ही बताई जा रही हैं। पिछले 3-4 दिन से मजदूरों ने गड्ढा खुदाई का पूरा भुगतान की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में डेरा डाले हुए हैं। जिला कलक्टर से रावतभाटा वन विभाग रेंज में खोदे गए गढ्डों के बदले पूरा भुगतान करवाने की मांग की हैं। इन मजदूरों के साथ छोटे बच्चे भी हैं। ये मजदूर रात भी कलेक्ट्रेट परिसर में ही गुजार रहे हैं।
इधर इस मामले में जिला वन अधिकारी विजय शंकर पांडे ने बताया कि मजदूरों का भुगतान प्रोसेस में हैं।

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