तीन घंटे जाम में फंसे राहगीर, ग्रामीण हुए परेशान

डूंगला, (विमल नलवाया)। राज्य व केंद्र सरकार द्वारा सड़क मार्ग पर होने वाले हादसे या वाहनों को जाम जैसी समस्या से बचने लिए तरह-तरह के उपाय किए जा रहे है। कहीं ओवर ब्रिज बनाए जा रहे हैं कई सड़कें चौड़ी की जा रही है। लेकिन उपखण्ड क्षेत्र के चिकारड़ा के ग्रामीणों को आए दिन लगने वाले जाम से परेशानी का सामना करना पड़ता है। रविवार को करीब तीन घण्टे लम्बा जाम लग गया जिसके चलते राहगीरों को भी बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रविवार को यातायात के बढ़ते आवागमन से लम्बा जाम लग गया जिसमे पुलिस चौकी प्रभारी प्रेमचन्द के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा एवं तीन घण्टे तक बड़ी मशक्कत के बाद में पुलिस के जवानों ने जाम को खुलवाया। एक किलोमीटर की कस्बे में सड़क सकडी है रविवार को एक किलोमीटर से भी ज्यादा लम्बा जाम लग गया। सकड़ी सड़क होने से आपस में दो भारी वाहन नही निकल सकते है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में एम्बुलेंस उदयपुर से मरीजों को लेकर आती जाती है। आवागमन ज्यादा होने से ग्रामीणों को भी आने जाने की मुश्किल होती है। यह मार्ग उदयपुर व नीमच को जोड़ता है। मंगलवाड़ से निम्बाहेड़ा की ये 40 किलोमीटर की सड़क की फोरलेन की मांग लम्बे समय से हो रही है। आये दिन जाम लग जाने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामाना करना पड़ रहा है। आये दिन राज्य सरकार के मंत्री इसी मार्ग से सफर करते है लेकिन वह भी जाम से गुजरते है लेकिन अभी तक इस मार्ग का कुछ नही हो पाया है।  ग्रामीणों को भी इधर उधर जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इतना लम्बा जाम लग जाने से ग्रामीण परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन इस सड़क मार्ग की मांग कई सालों से चली आ रही है। पुलिस जवान होते आए दिन परेशान इधर पुलिस चौकी के जवानों को अपना काम छोड़कर ट्रैफिक व्यवस्था संभालनी पड़ती हैं। वही चौकी प्रभारी ने बताया की पुलिस चौकी पर जवानों की भी कमी है इसलिए काफ़ी परेशान का सामना करना पड़ता है। जाम लगने का मुख्य कारण यह-
आपको बता दे की मेवाड़ के आराध्य देव श्रीसांवलिया सेठ मंदिर जाने का मुख्य मार्ग चिकारड़ा से ही है। मंदिर में दर्शन हेतू मध्यप्रदेश व राजस्थान के श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए निजी वाहनों के साथ सांवलिया सेठ मंदिर के लिए इसी मार्ग से पहुंचते हैं। चिकारड़ा गांव में करीब एक किलोमीटर की सड़क मार्ग सकरा होने की वजह से आए दिन जाम लगता रहता हैं। विशेष कर प्रत्येक शनिवार,रविवार व मंदिर मे लगने वाले मासिक मेले पर यह मार्ग सबसे व्यस्त रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ओवरब्रिज बन जाता है या सड़क बाइपास निकलती है तो जाम से निजात मिल सकती हैं।

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