विश्व हिंदू परिषद की दो दिवसीय प्रांतीय बैठक का समापन


मंगलवाड़। मंगलवाड चौराहा पर स्थित चंपापुरी जैन तीर्थ स्थल प्रांगण में दो दिवसीय विश्व हिंदू परिषद की प्रांतीय बैठक आयोजित हुई। विश्व हिंदू परिषद की प्रांतीय बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय संगठन महामंत्री विनायकराव देशपांडे ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति हिंदू समाज की दुर्बल कड़ियां हैं जिन्हें सबल बनाने के लिए संगठन द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और भविष्य में भी यह कोशिशें लगातार जारी रहेगी। विनायक राव ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद में कभी भी जाति विभेद की बातें नहीं की जाती जिसके चलते प्रत्येक वर्ग के कार्यकर्ताओं ने आपस में मिल - जुलकर हिंदू समाज को इतना एकजुट कर दिया है कि संगठन की एक आवाज पर हजारों लोग सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करने के लिए तैयार हैं। 

इस अवसर पर केंद्रीय संयुक्त महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा, प्रांतीय अध्यक्ष प्रताप सिंह नागदा, क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय , सह प्रांत प्रचारक मुरलीधर, क्षैत्रीय संगठन मंत्री राजाराम, प्रांत संगठन मंत्री धनराज व प्रांत मंत्री कौशल गौड़ ने चित्तौड़गढ़ प्रांत के 27 जिलों से आए विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को संगठन की संगठनात्मक एवं गुणात्मक गतिविधियों से परिचित करवाते हुए बताया कि आगामी दिनों में रक्षाबंधन, अखंड भारत संकल्प दिवस एवं कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस कार्यक्रम सर्वव्यापी एवं सर्वस्पर्शी तौर पर मनाया जाएगा। बैठक के दौरान जिम्मेदार कार्यकर्ताओं के लिए नए दायित्वों की भी घोषणा की गई।
जिला प्रचार प्रमुख दिलीप बक्षी ने जानकारी देते हुऐ बताया कि नवीन दायित्व की घोषणा में विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष निंबाहेड़ा की जिम्मेदारी प्यारजी सेन, सहजिला मंत्री की जिम्मेदारी भरत पालीवाल, सेवा प्रमुख की जिम्मेदारी  आकाश  पारख, धर्माचार्य सम्पर्क प्रमुख पद पर अर्जुन मेनारिया एवं मठ मंदिर प्रमुख की जिम्मेदार भरत पंड्या को दी गई नई जिम्मेदारी मिलने पर चित्तौडगढ जिले के पदाधिकारियों एवं सभी कार्यकर्ताओ ने सभी को शुभकामनाऐं व बधाई दी और विश्वास जताया कि नई जिम्मेदारियों की घोषणाओं से जिले के कार्यकर्ताओ में उर्जा का संचार होगा।

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