चित्तौड़गढ़। सांसद थप्पड़ कांड मामला अब तूल पकड़ने लगा हैं। इस मामले में अफीन किसानों ने भी हुंकार भरी हैं। भारतीय अफीम किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में 7 नवम्बर को चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पर अफीम किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। समिति के संरक्षक मांगीलाल मेघवाल बिलोट ने बताया कि नारकोटिक्स विभाग के कर्मचारी को सांसद सीपी जोशी द्वारा एक दलित ठेकाकर्मी को थप्पड़ मारने के विरोध और घटिया अफीम नीति को संशोधन हेतु विशाल प्रदर्शन सोमवार 7 नवम्बर को चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अफीम खेती की नीति 2022 -23 भ्रष्टाचार युक्त ही नहीं घटिया अपारदर्शी है घटिया अफीम नीति की आड़ में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा तक भ्रष्टाचार बढ़ा है। अफीम नीति 2022-23 को संशोधित करने और घटिया अफीम खेती की नीति के आड़ में नारकोटिक्स के बड़े-बड़े भ्रष्ट अधिकारी करोड़ों रुपए खा गए और भ्रष्टाचार में रंगे हाथों पकड़े गए एसीबी द्वारा ट्रैप किए गये। वहीं भ्रष्ट अधिकारी वापस नारकोटिक्स विभाग में नौकरी कर रहे हैं। चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने इन भ्रष्ट अधिकारियों पर थप्पड़ तो छोड़ो ऊंगली तक नहीं उठाई और प्रतापगढ़ नारकोटिक्स कार्यालय में एक छोटे दलित कर्मचारी को बिना पूरी जानकारी के ठेकाकर्मी द्वारा 5 हजार की रिश्वत राशि स्वयं डकार रहा है या अन्य किसी उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचा जा रहा था। सांसद सीपी जोशी ने यह जानकारी किए बगैर दलित ठेकाकर्मी को थप्पड़ जड़ के नारकोटिक्स विभाग से जुड़े सैकड़ों नहीं हजारों किसानों को अप्रत्यक्ष धमकाने का एक अमनोवैज्ञानिक असफल प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन में हमारी मांग रहेगी कि सांसद द्वारा एक दलित ठेकाकर्मी को थप्पड़ जड़ने के जुर्म में सांसद पर भी उचित कार्रवाई हो। साथ ही नारकोटिक्स का भ्रष्टाचार मिटाने के लिए अफीम नीति 2022-23 को संशोधित करने की मांग हैं। उन्होंने बताया कि हमने कभी भी सीपीएस के अफीम पट्टे नहीं मांगे तो हमको सीपीएस के अफीम पट्टे नहीं देकर 1997-98 में अफीम खेती कर चुके सभी किसान परिवारों को लुवाई चिराई के अफीम पट्टे सभी किसानों को दिया जाए। अफीम किसानों द्वारा कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति और पीएम के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौपेंगे।
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