बगदाद व करबला की जियारतों के लिए रवाना


 
चित्तौड़गढ़। शहर काजी अब्दुल मुस्तफा चिश्ती करीमी व उनकी जवजा मेवाड़ के महान सूफी संत हजरत हाफीज सैयद सरदार अहमद कादरी चिश्ती अशरफी साहब के नवासे सज्जादानशीन सलीम अशरफी व उनकी जवजा फिरोजा बेगम इराक में नजफे अशरफ हजरत मौला अली मुश्किल कुशा, कर्बला शरीफ हजरत इमाम हुसैन साहब व बगदाद शरीफ हजरत पीराने हुजूर गोसे आजम व इमामे आजम अबु हनीफा रदियल्लाहो ताआला अन्हुम दिगर कई मुकामात पर रवाना हुए। उमेर अशरफी ने बताया कि जियारत के लिए जाने पर आनन्दीराम खटीक सदस्य अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व अन्जुमन सेकेटी फेज मोहम्मद, अल्पसंख्यक कल्याण पूर्व अधिकारी लियाकत अली शोरगर, हज कमेटी निम्बाहेडा के सदर अब्दुल्ला भाई व कमेटी के मेम्बर, अब्दुल हफीज साहब, मिनी हाजी, युसुफ भाई पार्षद, खिजर खान, उस्मान मेवाड़ लघु जावेद खान, रासीद खान, जुबेर स्टेशन, वाहिद खान, हामीद खान व अशरफी साहब के सैकड़ों मुरीदों ने इस्तकबाल किया। शहर काजी एवं सलीम अशरफी अपनी खानकाह से रवाना होकर हजरत काजी चलफिर शाह सारअ की दरगाह पहुंच कर आस्ताने पर दुऑ मांगी, वहीं मुस्लिम समाज के लोगों ने फूलों का हार पहना दस्तारबन्दी व शॉल ओढा कर इस्तकबाल किया। सज्जादानशीन युसुफ अशरफी, मोलाना मुफ्ती उस्मान अशरफी, मोलाना जुबेर अशरफी, मोलाना जुनेद अशरफी, मोलाना उमेर अशरफी, उजेर अशरफी ने इस्तकबाल किया।

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