चित्तौड़गढ़। बिजयपुर थाना क्षेत्र के पचूण्डल गांव में विधवा महिला प्रेम कंवर की हत्या के मामले में पुलिस को ठोस सुराग मिले हैं। पुलिस जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर सकती हैं। बेरहमी से हत्या करना किसी पुरानी रंजिश की आशंका भी हैं। जानकारी के अनुसार प्रेम कंवर को पहले सांस रोककर मारा गया और उसके बाद बड़ी ही निर्ममता से उसके गर्दन काटी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के प्रारंभिक तथ्य कुछ इसी ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि एफएस एल रिपोर्ट आना बाकी
है लेकिन प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि हत्यारे और प्रेम कवर के पीछे मुंह पर कपड़ा रखे जाने के दौरान हाथापाई हुई थी। उसके बाएं हाथ पर चोट के निशान
से इसकी पुष्टि होती है। संभवत हत्यारों ने नाक और मुंह पर कपड़ा रखकर उसका गला घोट दिया लेकिन इस दौरान प्रेम कंवर ने हत्यारे से संघर्ष कर बचने की भी कोशिश की बचाव के दौरान ही उसके बाएं हाथ पर चोट आई। मेडिकल जूरिस्ट डॉक्टर संजय पारीक के अनुसार उसकी नाक में भी खून जमा हुआ था। इससे लगता है कि नाक और मुंह पर तकिया या फिर कोई कपड़ा दबाकर उसे मौत की नींद सुलाया गया। इस प्रकार की स्थिति में ही उसी खून नाक में जमा होता है जब उसका शरीर पूरी तरह से निस्तेज हो गया तो हत्यारों द्वारा बेरहमी से शार्प और हैवी वेपन से उसकी गर्दन काट कर अलग कर दी गई। सूत्रों का कहना है कि हत्या के बाद बेरहमी से शरीर के दो टुकड़े करना हत्यारे और मृतका के बीच किसी पुरानी रंजिश की ओर इशारा करते हैं। पता चला है कि बिजयपुर पुलिस को हत्यारों के संबंध में कई सबूत और सुराग मिल गए हैं और पुलिस उसी दिशा में जांच कर रही है। गौरतलब है कि 17 फरवरी को 50 वर्षीय प्रेम कवर पी प्रताप सिंह की सिर कटी लाश मिली थी। डॉग स्क्वाड के जरिए पुलिस उसके सिर तक पहुंची जोकि उसके कच्चे मकान के पिछवाड़े ही खंडहर की बखरी में पड़ा था। बाद में पुलिस शव चित्तौड़गढ़ लेकर पहुंची और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस के अनुसार इस जगत में हत्याकांड में हत्यारों के संबंध में ठोस सुराग हाथ लगे हैं और शीघ्र ही आरोपी पुलिस के पकड़ में होंगे।
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