चिरंजीवी योेजना अन्तर्गत अधिक से अधिक क्लेम बुक करना सुनिश्चित करे- डाॅ. गौड़

चित्तौड़गढ़। चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग की जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन आरटीडीसी हाॅटल पन्ना के सभागार चित्तौड़गढ़ में किया गया। बैठक की अध्यक्षता डाॅ पंकज गौड़ उप निदेशक, कार्यायल सयुक्त निदेशक, स्वास्थ्य विभाग उदयपुर के द्वारा की गयी।
डाॅ गौड़ द्वारा इससे पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घोसुण्ड़ा का औचक निरीक्षण किया तथा चिकित्सा एव स्वास्थ्य विभाग से संबंधित गति विधियो मे सुधार हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान किये गये साथ ही मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना अन्तर्गत कुल भर्ती मरीजो का 65 प्रतिशत क्लेम बुक करने व अच्छा कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। 
शिशु मृत्यु सामाजिक समीक्षा व मातृ मृत्यु सामाजिक समीक्षा कार्यक्रम के तहत समस्त चिकित्सा अधिकारीयो को निर्देशित किया कि फ्रन्ट लाईन वर्कर व नर्सिंग स्टाफ के माध्यम से मातृ मृत्यु व शिशु मृत्यु की सूचना तत्काल हेल्प लाईन 104 पर देना एवं उक्त रिर्पोट को पीसीटीएस साॅफ्टवेयर पर इन्द्राज करने हेतु निर्देशित किया गया उक्त मातृमृत्यु की प्रथम सूचना दाता द्वारा टोल फ्री नं. 104 पर देने पर एक हजार रूपये का प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया हैं।
बैठक में वित्तीय प्रगति की समीक्षा के तहत समस्त को निर्देशित किया गया कि खण्ड को प्रदान वित्तीय स्वीकृति को शत प्रतिशत खर्च करने के निर्देश प्रदान किये गये।
 उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को दैनिक एंव नियमित मोनिटरिंग के निर्देश दिये। रोगीयो की सन्तुष्टि ही ध्येय होना चाहिये। उन्होने प्रतिदिन कार्ययोजना अनुसार वर्कप्लान बनाकर क्रियान्वयन के निर्देश प्रदान किये। दवाओं के भण्डारण की समुचित व्यवस्था करे, संस्थान में उपलब्ध संसाधनो का समुचित उपयोग हो। रैकिंग प्रणाली से चिकित्सा संस्थान में सुधार की अपार संभावनाऐं बन सकती है। उन्होंने प्रभारी, सीएचसी एवं पीएचसी, बीसीएमओ, सीएमएचओ को निर्धारित मापदण्डो के अनुरूप भ्रमण के निर्देश दिये, चिकित्सा अधिकारी आमजन को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्घ करवाया जाना सुनिश्चित करे।
 उन्होंने बीसीएमओ एवं प्रभारी सीएचसी को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में  वंचित परिवारो का शत-प्रतिशत पंजीकरण करवाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने आयुष्मान चिरंजीवी कार्ड हेतु ई-केवाईसी सत्यापन 28 फरवरी पूर्व करवाये जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने राज्य सरकार की फ्लैगशीप योजनाओं यथा-एमएनडीवाई, एमएनजेवाई, चिरंजीवी योजना का बेहतर प्रभावी एवं गुणवत्ता पूर्ण क्रियान्वयन करने हेतु अधिक से अधिक प्रचार एवं प्रसार करने हेतुे निर्देशित किया। इस कार्य में आंगनवाडी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी एवं शिक्षा विभाग आदि से समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना अनुसार प्रचार प्रसार किया जाना सुनिश्चित करे। 
 निरोगी राजस्थान योजना की प्रगति प्रस्तुत करते हुए डॉ देवीलाल धाकड, प्रभारी, जिला औषधि भण्डार, चित्तौडगढ ने अवगत कराया कि राज्य स्तर पर जिले की 25 वीं रेंक है। उक्त बैठक में जो संस्थान ई-औषधि सॉफ्टवेयर पर राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशानुसार 8 बिन्दुवार ईन्द्राज कार्य नहीं कर रहे है, जिससे उनकी प्रगति चिकित्सा संस्थानवार रेंक कम आ रही है। उन संस्थान को सीएमएचओ, चित्तौडगढ नें प्रत्येक बिन्दु का विश्लेषण कर तुलनात्मक प्रगति हेतु निर्देशित किया।बैठक में डॉ मुनेश बैरवा, जिला समन्वयक (चिरंजीवी) द्वारा योजना की संस्थावार प्रगति के बारे प्रस्तुतीकरण माध्यम से समीक्षा की गई।
 डाॅ जोगेश भारद्वाज ने मौसमी बिमारियों की समीक्षा करते हुए आईएचआईपी पोर्टल पर नियमित व दैनिक रूप से फॉर्म एस, पी, एल का इंद्राज सुनिश्चित करे। उन्होंने आगामी लेप्रोसी अवेयरनेस अभियान की तैयारीयो की विस्तृत समीक्षा की। 
 डाॅ रामकेश गुर्जर, मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी ने विभागीय विभिन्न गतिविधियो की खण्ड वार एवं चिकित्सा संस्थानानुसार समीक्षा की आवश्यक लक्ष्यापुर्ति हेतु चिकित्सा अधिकारियों को दिशा निर्देश प्रदान किये। बैठक में 
समस्त बीसीएमओं, प्रभारी-सीएचसी एवं बीपीएम, डॉ महेन्द्र शर्मा, एडीसीएमएचओ, श्री विनायक मेहता जिला कार्यक्रम प्रबंधक, देवी लाल भील जिला आषा समन्वयक, संजना अग्रवाल, डीएनओ, अविनाश उपाध्याय, सचिन अग्रवाल, अनिल शर्मा यूपीएम, राजेन्द्र कुमार खटीक, एसओ, शफीक ईकबाल शैख, विकास आचार्य, विकास शर्मा हैल्थ मैनेजर, नारायण लाल भाम्बी सूचना सहायक सहित अन्य सलाहकार व कर्मचारी उपस्थित थे।

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