जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने सोमवार को अम्बेडकर भवन स्थित सभागार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को घर बैठे वार्षिक सत्यापन किए जाने के लिए RAJSSP मोबाइल एप को लाॅन्च किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स के लिए यह सुविधा प्रदान करने वाला राजस्थान भारत भर में पहला राज्य हैं। इससे लगभग 94 लाख पेंशनर्स को यह सुविधा मिलेगी।
जूली ने बताया कि इस एप्प के माध्यम से किसी भी एन्ड्राइड फोन के द्वारा पेंशनर द्वारा घर बैठे ही वार्षिक सत्यापन किया जा सकता है। इसके लिए पेंशनर को कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही यह सुविधा निःशुल्क है।
उन्होंने बताया कि एप्प के माध्यम से लाभार्थियों के आधार डाटा आधारित Face recognition तकनीक का प्रयोग करते हुए पेंशनर्स का वार्षिक सत्यापन किया जाएगा। अभी प्रथम चरण में इसमें पेंशनर्स को घर बैठे मोबाइल ऐप के माध्यम से वार्षिक सत्यापन की सुविधा प्रदान की गई है। साथ में वह अपनी एलिजिबिलिटी भी देख सकता है और अपना पेंशन लेजर भी। इसके बाद द्वितीय चरण में इसमें घर से ही आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री द्वारा मौके पर ही सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन प्राप्त कर रही जयपुर निवासी रूबी का मोबाइल ऐप के माध्यम से वार्षिक भौतिक सत्यापन किया गया।
शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने एप की जानकारी देते हुए बताया कि RAJSSP मोबाइल एप्प के साथ-साथ फेस आरडी एप्प को किसी भी एन्ड्राइड मोबाइल पर इन्स्टाल करना होगा। इसके माध्यम से सर्वप्रथम मोबाइल धारक को स्वयं का मोबाइल नम्बर एन्टर कर ओ.टी.पी. प्राप्त कर मोबाइल को सत्यापित करना होगा।
इसके उपरान्त पेंशनर का पीपीओ नम्बर एन्टर करना होगा, इसके पश्चात् पेंशनर का नाम, पिता/पति का नाम, योजना का नाम, आधार नम्बर आदि प्रदर्शित होगा। फेस कैप्चर पर क्लिक करने के उपरान्त मोबाइल के आगे अथवा पीछे वाले कैमरे के द्वारा पेंशनर का लाइव फोटो कैप्चर करना होगा। फोटो कैप्चर करते समय पेंशनर को स्वयं की आंखे टिमटिमानी होगी।
उन्होंने कहा कि आधार पोर्टल से पेंशनर का फोटो सत्यापित होने के उपरान्त पेंशनर के वार्षिक भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है। इस सम्पूर्ण कार्य में एक मिनिट से भी कम समय लगता है। पेंशनर के अत्यधिक वृद्ध होने अथवा मोतियाबिन्द का आपरेशन करवा चुके पेंशनर्स के इस एप्प के माध्यम से सत्यापन के कुछ अधिक समय लग सकता है।
यह मोबाइल एप एन.आई.सी., सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग तथा आधार पोर्टल के सहयोग से विकसित किया गया है।
इस अवसर पर विभाग के निदेशक हरि मोहन मीना, राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी जितेन्द्र वर्मा, लखपत मीणा, अतिरिक्त निदेशक, पेंशन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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