ब्लॉक स्तरीय वाकपीठ : विद्यार्थी को अपना बच्चा मानकर पढ़ाये शिक्षक- जिला प्रमुख धाकड़



चित्तौड़गढ़। विद्यालय में पढ़ने वाले सभी बच्चे एक समान होते हैं और शिक्षक उन बच्चों में कोई भेद नहीं करते हुए सभी बालकों को अपने बच्चों की तरह ही उनका पालन पोषण करते हुए अच्छी शिक्षा देने का प्रयास करता है। शिक्षक कभी भी बालकों को पढ़ाते समय उनसे घबराता नहीं है और कठिन परिस्थितियों में भी सभी कार्य करते हुए विद्यालयी बालकों की शिक्षा पूरी करने में सदैव तत्पर रहता है। ऐसे शिक्षक ही राष्ट्र निर्माता का रोल अदा करते हैं।
उक्त विचार तीसरी ब्लॉक स्तरीय वाकपीठ के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि चित्तौड़गढ़ जिला प्रमुख डॉ. सुरेश धाकड़ ने व्यक्त किए। अध्यक्षता एसीबीओ शंभूलाल सोमानी ने की जबकि विशिष्ट अतिथि पीयूष काबरा, एसीबीओ नरेंद्र गदिया, ब्लाॅक अध्यक्ष राजेंद्र निमावत, सचिव दिनेश सालवी थे। प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत किशन लाल सालवी, नारायण सिंह चुंडावत, बसंतीलाल भराडिया, अंबा लाल जीनगर, रजनीश साहू, गिरिराज सोमानी, रविंद्र बैरवा ने किया। सेवानिवृत होने वाले बसंती लाल भराडिया, अंबालाल जीनगर का स्वागत किया गया साथ ही आगामी वाक्पीठ की नवीन कार्यकारिणी में सम्मति से अध्यक्ष नारायण सिंह चुंडावत, सचिव किशन लाल सालवी, कोषाध्यक्ष हेतु रविंद्र बैरवा को चुना गया। संचालन दिनेश सालवी, हंसराज सालवी ने किया।

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