बिना लाइसेंस के ब्याज का धंधा करने वालों की अब खेर नही, सूदखोरों की पुलिस करेगी पहचान

जयपुर। राजस्थान पुलिस ने एक ट्वीट कर बिना लाइसेंस के ब्याज का धंधा करने वाले सूदखोरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने जा रही हैं। 
पुलिस आम लोगों को जागरूक करने के साथ शिकायत मिलने पर सूदखोरों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई भी करेगी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ रवि प्रकाश मेहरडा ने पिछले दिनों इस संबंध में आदेश जारी किए थे। आदेश में कहा गया कि राज्य में सूदखोरों एवं ब्याज माफियाओं द्वारा जरूरतमंद व्यक्तियों को उच्च ब्याज दर पर ऋण देकर मनमाना ब्याज वसूल किया जाता है और समय पर रकम नहीं चुका पाने की स्थिति में उन पर भारी-भरकम जुर्माना लगाकर अचल संपत्ति तक हड़पने के प्रयास किये जाते हैं। ऐसे ब्याजखोरों के खिलाफ अब पुलिस बड़ा एक्शन लेने जा रही हैं।
शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित हुए पीड़ित व्यक्ति या उसके परिजन द्वारा आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाने के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। डॉ मेहरडा ने कहा कि सूदखोरों और ब्याज माफियाओं की अवैध गतिविधियों के बारे में मिशन जन जागरण के तहत बनाए व्हाट्सएप ग्रुप्स पर सीएलजी सदस्यों, सुरक्षा सखियों, ग्राम रक्षक और पुलिस मित्रों की बैठकों में आमजन को जागरूक करने के साथ सामाजिक विकास के लिए सरकारी योजनाओं, अनुदान तथा बैंक लोन आदि के बारे में जानकारी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों एवं बैंक कर्मियों के साथ समन्वय कर कैंप आयोजित करवाए जाएंगे।

●पहले सूदखोरों और ब्याज माफियाओं की पहचान
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी आयुक्तालयों, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) और जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रेंज के अधिकारियों को भेजे गए इस आदेश के अनुसार थाना स्तर पर अवैध साहूकारी का व्यवसाय करने वाले सूदखोरों और ब्याज माफियाओं को चिह्नित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आमजन की मजबूरियों का फायदा उठाकर मनमाने ब्याज पर ऋण देने वाले व्यक्तियों को चिह्नित करने के साथ पीड़ित व्यक्ति द्वारा शिकायत मिलते ही उस पर पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी।

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