9 साल की बालिका के साथ दुष्कर्म करके 10 टुकड़े किए, आरोपी कमलेश गिरफ्तार

उदयपुर। जिले के मावली थाना क्षेत्र में एक 9 साल की बालिका से रेप के मासूम के शरीर के 10 टुकड़े कर दिए। आरोपी 21 वर्षीय कमलेश राजपूत को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर आरोपी का पुलिस रिमांड लिया हैं। बेटे की करतूतों पर पर्दा डालने के मामले में आरोपी कमलेश राजपूत के माता-पिता को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं।
उदयपुर एसपी विकास शर्मा ने बताया कि 9 साल की मासूम से दुष्कर्म और उसके 10 टुकड़े करने के मामले में आरोपी कमलेश राजपूत की माता किशन कुंवर और पिता रामसिंह राजपूत को सोमवार शाम को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से की गई अब तक की पूछताछ में सामने आया कि बेटे कमलेश ने जिस दिन शाम को मासूम से दुष्कर्म किया था, उस समय तो माता-पिता वहां नहीं थे, लेकिन देर शाम दोनों अपने घर पहुंचे तो उन्हें अपने बेटे की करतूत का पता चला। मानवता को शर्मसार करने वाला घटनाक्रम होने के बाद भी ना पिता और ना माता ने घटना से किसी को अवगत कराया और बेटे के अपराध पर पर्दा डालने के लिए उसका साथ दिया तथा मामले से चुप्पी साध ली। आरोपी कमलेश से की गई पूछताछ में सामने आया कि माता-पिता ने उससे शव को मौका देखकर ठिकाने लगाने की बात कही थी। इसी वजह से दो दिन तक शव के टुकड़े से भरा बोरा बक्से में ही पड़ा रहा। बक्से से बदबू आई तो बेटे ने शव को बोरा अपने घर के सामने ही खंडहर में फैंक दिया। इस काम में भी माता-पिता की संलिप्तता भी सामने आई थी। जांच अधिकारी एवं मावली डीएसपी कैलाश कुंवर ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से रिमांड पर रखने के आदेश दिए गए।

बालिका के घर के सामने ही आरोपी का मकान
मिली जानकारी के अनुसार मावली क्षेत्र के लोपड़ा निवासी कमलेश राजपूत को पुलिस ने आठ वर्षीया बालिका से दुष्कर्म और उसकी हत्या के आरोप में उसे व उसके माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी कमलेश के पिता का मकान दो कमरे का है और एक कमरे का उपयोग उसके माता-पिता तथा दूसरे का उपयोग कमलेश करता था।
पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि हत्या और दुष्कर्म का आरोपी कमलेश पोर्न मूवी देखने तथा ऑनलाइन गेम खेलने की लत का शिकार था। बालिका के साथ वारदात करने के बाद भी ऑनलाइन गेम खेलने बैठ गया था। उसके मोबाइल की जांच से पता चला कि वह पोर्न मूवी देखता था।
कमलेश अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। मृतक बच्ची के घर के सामने ही उसका दो कमरों का घर है। इसके एक कमरे में वह रहता है। उसी कमरे में उसने वारदात की। नवीं तक पढ़ा कमलेश फिलहाल कोई काम नहीं करता है। वह पूरे दिन घर पर मोबाइल पर वीडियो देखता या गेम खेलते रहता है। 
29 मार्च को दिन में बच्ची अपने खेत पर जा रही थी, तभी आरोपी कमलेश ने उसे किडनैप कर लिया। देर शाम बच्ची के नहीं मिलने पर परिजनों ने मावली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दी। इसके बाद यह आरोपी पुलिस व ग्रामीण के साथ बच्ची को तलाशने का नाटक करता रहा। ताकि किसी को उस पर शक न हो।

भैया कहकर बुलाती थी बच्ची
बच्ची गांव में अन्य लड़कों की तरह आरोपी कमलेश को भी भैया कहकर बुलाती थी। उसे अच्छे से जानती-पहचानती थी। इसी का फायदा उठाकर कमलेश ने टॉफी के बहाने से बच्ची को किडनैप किया। बच्ची भी भरोसा कर आरोपी के घर चली गई। वहां आरोपी ने जैसे ही कमरे का दरवाजा बंद किया तो वह चीखी तो उसने बालिका का मुंह पकड़कर उसका गला दबा दिया। कुछ ही सैकण्डों में बालिका की मौत हो गई। उसके बाद वह बालिका का शव बाथरूम में ले गया और वहां मृत बालिका के साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद उसने बालिका के शव को दस भागों में काटकर दो थैलियों में रख दिया। दो दिन तक शव उसने अपने कमरे में रखा तथा मौका पाकर घर के सामने बने खंडहर में फैंक दिया। पुलिस को उसके कमरे और बाथरूम से खून के धब्बे मिले हैं, जिनकी जांच के लिए एफएसटीम ने नमूने उठाए है।
पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि आरोपी युवक ने दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर बच्ची की हत्या कबूल की है। दुष्कर्म की पुष्टि आरोपी से पूछताछ और प्रारंभिक मेडिकल जांच में हो गई है। अब पुलिस जल्द सजा दिलाने के लिए 10 दिन के भीतर तथ्य जुटाकर कोर्ट में चालान पेश करेगी।

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