चित्तौड़गढ़। डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती महोत्सव पखवाड़ा के तहत सोमवार को वाल्मीकि बस्ती सुभाष कॉलोनी में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि रामनिवास मल्होत्रा ने अम्बेडकर को वाल्मीकि समाज का उद्धारक बताया। विशिष्ट अतिथि राजन मल्होत्रा ने बाबा साहब के दर्शन से सीख लेकर कुरीतियों से दूर होने की बात की। विशिष्ट अतिथि पार्षद रेखा आदिवाल ने बाबा साहब के महिला कल्याण की ओर ध्यान आकर्षित किया। अम्बेडकर विचार मंच के संयोजक छगन चावला ने विचार मंच द्वारा किये जाने वाले संघर्ष के बारे में बताया।
पखवाड़ा संयोजक निर्मल देसाई ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के जीवन से वाल्मीकि समाज के युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। जिस तरह बाबा साहब विपरीत परिस्थितियों में पढ़ कर महान बने वैसे ही युवा हताश न होकर अध्ययन कर अपने परंपरागत कार्य सफाई की बजाय अन्य कार्यों में लगे। अपने अध्ययन को बीच में नहीं छोड़े, नगर पालिका की नोकरी लगने पर भी ओर अधिक अध्ययन कर उच्च सेवाओं की तैयारी करें। आशा कंडारा का उदाहरण दिया। संगोष्ठी के अध्यक्ष बालू राम छपरीबन्द ने इस तरह की ओर विचार गोष्ठी का सुझाव दिया। राजेश आदिवाल ने 14 अप्रैल को जन्म जयंती समारोह में भाग लेने की बात कही। बंटी राठौड़, सुनील बोर्डे, छवि देशबन्धु,सूरज घावरी, अमृत लाल भाटिया ,सन्नी लोट ने अपने विचार प्रकट किए।
विचार गोष्ठी में गोपाल बंधु, कमल किशोर घारू, रतन बेनीवाल, विनोद छपरीबन्द, महेश घारू, भूपेश मल्होत्रा, शम्भू लाल सिंगोलिया, देवेश देसाई, मनीष कोदली, संजय नकवाल, मनोज मल्होत्रा, जतिन घारू, तुषार लोट, अजय कोटियाणा, विनोद कंडारा, मुकेश घारू, विष्णु पंडित, अनिल घारू, सागर उपस्थित रहे। संचालन वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक राहुल लोट ने किया व आभार अंशुल आदिवाल ने जताया।
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