सांवरियाजी में शिव मंदिर पर रार : बोर्ड सदस्य- बोले सांवलियाजी की महिमा खत्म करने की साजिश


भादसोड़ा, (माय सर्कल न्यूज़ @नरेंद्र सेठिया)। मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्ण धाम सांवरिया जी में शिव मंदिर के निर्माण पर विरोध मुखर होता जा रहा है। मंदिर मंडल अध्यक्ष को छोड़कर अधिकांश सदस्य जहां स्थान को लेकर खिलाफ उतर गए। बोर्ड के कुछ सदस्यों का तो आरोप हें कि यह भगवान सांवरिया सेठ मंदिर की महिमा खत्म करने की साजिश है। जब पहले से ही भगवान सांवरिया सेठ का विशाल मंदिर है तो नए मंदिर की क्या जरूरत है.? बोर्ड सदस्यों के साथ ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए फिलहाल शिव मंदिर निर्माण खटाई में पड़ता दिख रहा है। न्यायालय द्वारा बस स्टैंड की जमीन पर मंदिर निर्माण को लेकर अस्थाई स्थगन आदेश जारी किया। उसके बाद से ही मंदिर मंडल अध्यक्ष भेरू लाल गुर्जर बोर्ड सदस्यों के साथ ग्रामीणों के निशाने पर आ गए हैं। ग्रामीणों की माने तो मंदिर मंडल अध्यक्ष मनमाने फैसले कर रहे हैं। न्यायालय का स्थगन उसी का नतीजा है। इस बारे में न्यायालय में रिट लगाने वाले मदन लाल तिवारी का कहना है कि 40 साल पहले मंदिर मंडल और कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा निर्णय लेकर बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था जिसमें मंदिर मंडल का लाखों रुपया खर्च हुआ। वैसे भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से बस स्टैंड छोटा है। इसके बावजूद मंदिर मंडल अध्यक्ष अपनी सुविधाओं के लिहाज से यहां शिव मंदिर का निर्माण कराया चाहते हैं। उनका आरोप है कि महज कमीशन के चक्कर में तोड़ना-फोड़ना और नया बनाना इसके अलावा मंदिर मंडल कुछ भी नहीं कर रहा है। उन्होंने यहां तक कहा कि यहां शिव मंदिर चाहिए ही नहीं क्योंकि पहले से ही भगवान सांवरिया सेठ का विशाल मंदिर है। मंदिर मंडल के पैसों का सदुपयोग होना चाहिए उसके स्थान पर बोर्ड अध्यक्ष दुरुपयोग करने में जुटे हैं जो कतई बर्दाश्त नहीं होगा। मंदिर बोर्ड के सदस्य अशोक शर्मा ने कहा कि पहली बात तो सांवरियाजी में शिव मंदिर की जरूरत ही नहीं है क्योंकि पहले से ही यहां भगवान सांवरिया सेठ का विशाल मंदिर है। भगवान सांवरिया सेठ के मंदिर के समकक्ष अन्य मंदिर बनाने की क्या जरूरत है..? इसे सांवरिया सेठ की महिमा कम होगी। यह एक प्रकार की सांवरियाजी की महिमा खत्म करने की साजिश कही जा सकती है। यदि शिव मंदिर बनाना ही है तो सांवरिया सरोवर के आसपास बना सकता है। कपासन प्रधान और मंदिर मंडल के सदस्य भैरूलाल चौधरी भी मंदिर निर्माण के स्थान को लेकर विरोध में है। उनका कहना हें कि मंदिर मंडल अध्यक्ष अपने स्तर पर इस प्रकार के फैसले ले रहे हैं जबकि न तो मंदिर मंडल के सदस्य और न ही ग्रामीण इसके पक्ष में है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ