जहाजपुर (माय सर्कल न्यूज़ @रवि कांत जोशी)। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के मुख्यालय मथुरा से संस्थाध्यक्ष पूज्य पंकज जी महाराज के सानिध्य में निकली 33 दिवसीय शाकाहार-सदाचार मद्यनिषेध आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा तहसील शाहपुरा के अन्तर्गत ग्राम कादीसहना पहुंची। जयगुरुदेव संगत भीलवाड़ा के जिला प्रवक्ता अनिल सोनी ने बताया कि आज यहां सायं 4 बजे से आयोजित सत्संग समारोह में पूज्य पंकज जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा सन्तों महात्माओं के सत्संग में किसी व्यक्ति, जाति, धर्म की आलोचना नही की जाती है बल्कि यहाँ तो भगवान की भक्ति के प्रति शौक, श्रद्धा पैदा की जाती है। सत्संग से विवेक जागृत होता है। सत्संग में मानव के जटिल प्रश्नों जैसे पैदा होनेे से पहले हम कहा थे? मृत्यु के बाद कहाँ जायेंगे? हमारे नाते रिश्तेदार मृत्यु के बाद कहा गये? हमारा आत्म कल्याण कैसे होगा? का उत्तर मिलता है।
‘‘सतयुग त्रेता द्वापर बीता। काहू न जानी शब्द की रीता।’’ पंक्तियों को उद्धृत करते हुये उन्होनंे कहा सतयुग, त्रेता, द्वापर बीत गया किसी ने शब्द (साउण्ड) का रास्ता नहीं बताया। कलियुग में दयालु प्रभु ने सन्तों को भेजकर सुरत-शब्द योग (नाम योग) की साधना का मार्ग जारी कराया और कहा ऐ सुरतों-आत्माओं ! तुम अनहदवाणी, आकाशवाणी पर उतार कर मानव शरीर में लाई गयी हो लेकिन अब शब्द से सम्बन्ध टूट गया। जब सन्त सत्गुरू मिल जायेंगे तुम्हारा सम्बन्ध शब्द से जोड़ देंगे। ध्यान के द्वारा दिव्य दृष्टि, शिवनेत्र खुल जायेगा तुम त्रिकालदर्शी हो जाओगी। वर्तमान भूत भविष्य का बोध हो जायेगा। इसलिये चेत जाओं। जीवन की पूंजी को प्रभु के भजन में लगाओ जिस काम के लिए आये हो उसे प्राप्त करो।
महाराज जी ने शाकहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुये कहा ‘‘तिल भर मच्छी खाइ कै, कोटि गऊ दे दान। काशी करवट ले मरै तो भी नर्क निदान।’’ भगवान के भजन के लिये शाकाहारी-सदाचारी होना जरूरी है। तामस शरीर से भजन नहीं हो सकता। समाज में व्याप्त हिंसा और अपराध केवल अशुद्ध खान-पान के कारण है। जिस शराब के पीने से आंखांे से मां-बहन, बेटी की पहचान खत्म हो जाती है उसके पीने से अच्छे-बुरे की पहचान कैसे कर सकेंगे। इसलिये शाकाहार अपनाने के साथ शराब जैसे घातक नशों का त्याग बहुत जरूरी है।
संस्था प्रमुख ने कहा हमारे गुरु जी महाराज बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने लोक-परलोक कल्याणकारी ‘जयगुरुदेव’ नाम कोे जगाया। इस नाम में अपरम्पार शक्ति भरी है, एक समय आयेगा सारी दुनिया इसे याद करेगी। आगरा-दिल्ली बाईपास पर मथुरा में वरदानी जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर बना है, जहां एक बुराई चढ़ाने पर एक मनोकामना की पूर्ति होती है। यहीं पर आगामी 20 से 24 दिसम्बर तक 75वां जयगुरुदेव वार्षिक सत्संग-मेला आयोजित होगा। आप सभी को निमन्त्रण है मथुरा पधार कर दया, दुआ, आशीर्वाद प्राप्त करें।
इस अवसर पर संस्था के महामन्त्री बाबूराम यादव, जयगुरुदेव आश्रम मथुरा के प्रबन्धक सन्तराम चौधरी, बिहार प्रदेश के अध्यक्ष मृत्युन्जय झा, दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष विजय पाल सिंह सहित राजस्थान संगत के प्रान्तीय अध्यक्ष विष्णु कुमार सोनी, उपाध्यक्ष हरिनारायण ‘भोपा जी’, अध्यक्ष संगत अजमेर राजेन्द्र सोनी, फूल सिंह रावत, रामधन जाट, रामराज जाट, लालाराम मीणा, भगवन्त जी सरपंच, साँवरा जी जाट आदि मौजूद रहे। अगला कार्यक्रम कल (आज) का सत्संग ग्राम मेहरीखुर्द तहसील केकड़ी में सायं 3 बजे से आयोजित है।
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